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पिछले वर्ष पलामू जोन से 120 नक्सली गिरफ्तार, 17 नक्सली मारे गए

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jan 18 2019 5:55PM
पिछले वर्ष पलामू जोन से 120 नक्सली गिरफ्तार, 17 नक्सली मारे गए
पलामू जोन में 2018 का लेखा-जोखा पलामू, 18 जनवरी (हि.स.)। पलामू जोन में पुलिस के लगातार दबाव के कारण पिछले साल 120 नक्सली गिरफ्तार किए गए और नौ नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। 17 नक्सली पुलिस की मुठभेड़ के दौरान मारे गए। पलामू प्रक्षेत्र के डीआइजी विपुल शुक्ला शुक्रवार को अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बीते वर्ष का लेखा-जोखा प्रस्तुत कर रहे थे। डीआईजी ने बताया कि पुलिस की लगातार कार्रवाइयों की वजह से नक्सलवाद के बदलते परिदृश्य के बीच लातेहार, गढ़वा और लोहरदगा सीमा पुलिस के लिए अब भी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में पलामू प्रक्षेत्र में नक्सलियों के विरूद्ध 1234 अभियान चलाये गये। जिसमें 120 नक्सली गिरफ्तार किये गये और नौ नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। 17 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे भी गये। शुक्ला ने बताया कि बीते वर्ष नक्सलियों से संबंधित 86 कांड प्रतिवेदन किये गये। इनमें 33 कांडों में पुलिस को सफलता मिली जबकि नक्सलियों ने 52 घटनाओं को अंजाम दिया। उन्होंने दावा किया कि अधिकतर कांडों का खुलासा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष नक्सलियों से 114 हथियार और 8159 कारतूस बरामद किये गये। वर्ष 2018 में पुलिस ने 1641 अपराधियों को भी गिरफ्तार किया। इन अपराधियों के पास से 247 हथियार और 1435 कारतूस बरामद किये गये। इस दौरान 1275 कुर्की और 9322 वारंट का निष्पादन किया गया। पुलिस ने इस दौरान 149 गाड़ियां भी बरामद की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में पलामू रेंज के सुदूर इलाकों में कुल 11 पिकेट की स्थापना की गयी है। इस वजह से नक्सलियों के आवागमन पर रोक लगी है। लातेहार में दो और पिकेट की स्थापना का प्रस्ताव है, जिनके बन जाने से बाकी क्षेत्रों में भी नक्सलियों पर अंकुश लग जायेगा। डीआईजी ने बताया कि पलामू प्रक्षेत्र में स्थापित पिकेट को अधिक जनोपयोगी बनाने की पहल की जा रही है। पिकेट को इंटीग्रेटेड सेंटर का स्वरूप प्रदान करने की कोशिश चल रही है। सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए ग्रामीण पिकेट में भी अपने आवेदन दे सकते हैं। ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों को अनुशंसित कर संबंधित प्रखंड कार्यालय तक पहुंचाने की जिम्मेवारी पुलिस की होगी। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/विकास/ संजीव
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