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राज्यपाल ने जन आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए दलीय निष्ठा से ऊपर उठकर विचार- विमर्श करने का अनुरोध किया

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jan 17 2019 4:30PM
राज्यपाल ने जन आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए दलीय निष्ठा से ऊपर उठकर विचार- विमर्श करने का अनुरोध किया
रांची, 17 जनवरी (हि.स.)। झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन गुरूवार को अपने अभिभाषण में सभी सदस्यों से जनाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए दलीय निष्ठा से ऊपर उठकर विस्तृत विचार- विमर्श कर समाधान निकालने का अनुरोध किया। राज्यपाल ने सदन में झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्यों के टोकाटोकी, हंगामे के बीच कहा कि राज्य सरकार ने इस प्रदेश को तीव्र गति से आगे ले जाने का जो बीड़ा उठाया है, उसे पूरा करने में सभी विधायक अपनी भूमिका का निर्वाह करेंगे। हमारी सरकार ने जन कल्याण के क्षेत्र में समर्पित और सुविचारित नीतियों से राज्य में एक ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां से विकास और समृद्धि के अनेक पथ निकलते हैं। उन्होंने कहा कि वह आशा करती हैं कि राज्य को विकास के पथ पर तेजी से आगे ले जाने में सबका सकारात्मक सहयोग प्राप्त होगा, जिससे हम झारखंड को अग्रणी राज्य की पंक्ति में सबसे आगे खड़ा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य इस सदन की गरिमा और पवित्रता को कायम रखेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध मुक्त, भय मुक्त व अन्याय मुक्त वातावरण का सृजन करते हुए कानून का राज स्थापित किया गया है। प्रदेश में कानून- व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्यपाल ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद की समस्या झारखंड राज्य गठन के पूर्व से ही चली आ रही थी, जो कि नि:संदेह राज्य के समेकित विकास में एक बहुत बड़ी बाधा है। लेकिन राज्य सरकार की समेकित पहल तथा हाल में संशोधन के पश्चात तैयार की गयी प्रत्यर्पण एवं पुर्नवास तथा पुरस्कार नीति के कारण लगभग 200 से अधिक उच्च पदधारक उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया तथा 125 से अधिक उग्रवादियों का आत्मसमर्पण कराया गया। झारखंड राज्य में उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या 21 से घटकर 19 रह गयी है तथा अति उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या 16 से घट की 13 हो गयी है। राज्य सरकार झारखंड से उग्रवाद और नक्सलवाद की समस्या के समूल उन्मूलन के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वामपंथ उग्रवाद से अति प्रभावित राज्य के 13 जिलों में सार्वजनिक बुनियादी ढांचों एवं सेवाओं में व्याप्त खामियों एवं महत्वपूर्ण अंतराल को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने विशेष केंद्रीय सहायता स्कीम को लागू किया है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में 20 करोड़ की राशि प्रति जिला की दर से कुल 260 करोड़ रूपये 13 चिन्हित उग्रवाद प्रभावित जिलों को आवंटित की गयी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार निरोध ब्यूरो ने पिछले चार वर्षों में कुल 424 भ्रष्ट लोक सेवकों की गिरफ्तारी की है। सरकार की दूरदर्शी औद्योगिक नीतियों का ही नतीजा है कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस के भारत सरकार तथा विश्व बैंक के सर्वेक्षण में श्रम से संबंधित प्रावधानों के अनुपालन में राज्य लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और अग्रणी राज्यों की श्रेणी में अपना स्थान बरकरार रखने में सफल है। बाल श्रम जैसी कुरीति के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए इसके अनुमूलन के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। इस वर्ष अबतक 44 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है एवं दोषी नियोजकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। रांची में एनआईडी अहमदाबाद के सहयोग से क्राफ्ट एंड डिजाइन संस्थान की स्थापना की जा रही है। झारखंड कॉरपोरेट सोशल दायित्व काउंसिल लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। तसर रेशम के उत्पादन मामले में झारखंड देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य में झारखंड माइनर मिनिरल, रूल 2018 को अधिसूचित किया गया है। राज्यपाल ने कहा कि उनकी सरकार ने गांवों के पिछड़ापन को दूर करने, उनका चतुर्दिक विकास करने तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से केंद्र प्रायोजित तथा राज्य संपोषित योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जमीनी स्तर पर गरीब महिलाओं की सशक्त संस्थाएं बनाकर गरीब परिवारों को लाभप्रद स्वरोजगार, हुनरमंद व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें समर्थ बनाते हुए गरीबी उन्मूलन की कोशिश कर रही है। राज्य सरकार ने पंचायत राज स्वशासन परिषद का गठन किया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अबतक 24 लाख 28 हजार परिवारों को मुफ्त में गैस दिया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य में सुजलाम सुफलाम योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। पहली बार ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट का आयोजन 29 एवं 30 नवम्बर को रांची में किया गया। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में 68 लाख लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस समय 62 लाख लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन हो रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 में 12 लाख छह हजार किसानों के दो लाख 86 हजार हेक्टेयर फसलों का बीमा किया गया और कुल एक लाख पांच हजार किसानों के बीच 37 करोड़ 36 लाख रुपये की राशि क्षतिपूर्ति के रूप में वितरित किया गया। खरीफ 2018 में कुल 12 लाख 30 हजार किसानों के पांच लाख 73 हजार हेक्टेयर फसलों का नि:शुल्क बीमा किया गया। किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से सरकार सुनिश्चित सिंचाई की सुविधा में वृद्धि करने के लिए सरकार प्रयासरत है। सरकार ने सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा के लिए कई कदम उठाये हैं। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 33 लाख व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण किया जा चुका है तथा 15 नवम्बर 2018 को राज्य को खुले में शौच से मुक्त कर दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में अल्पसंख्यकों के कब्रिस्तानों की घेराबंदी के लिए 30 करोड़ की राशि जिलों को आवंटित की गयी है। आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं तथा लघु आंगनबाड़ी सेविकाओं के मानदेय में वृद्धि की गयी है। सरकार ने झारखंड के स्थायी निवासी की परिभाषा एवं पहचान संबंधी नीति का निर्धारण किया है। मगही, भोजपुरी, मैथिली, अंगिका तथा भूमिज को द्वितीय राजभाषा की सूची में शामिल किया गया है। एचईसी क्षेत्र के 656 एकड़ भूमि में निर्माणाधीन स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत अनुमानित लागत राशि 1110 करोडे 73 लाख रूपये की 28 परियोजनाओं पर बोर्ड से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। डिजिटल इंडिया की ओर कदम बढ़ाते हुए चांसलर पोर्टल का निर्माण किया गया है। झारखंड राज्य अंतर्गत विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र- छात्राओं के शोध कार्यों के लिए अभिरुचि में वृद्धि के लिए सीएम फेलोशिप योजना शुरू की जा रही है। कौशल विकास कार्यक्रम के तहत ग्लोबल स्किल समिट 2019 में राज्य के एक लाख युवाओं को एक साथ नियुक्ति पत्र दिया गया। विगत चार वर्षों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक लोकोपयोगी कार्यक्रम प्रारंभ किये गये। उन्होंने राज्य सरकार के अन्य उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि तिरंगे की पूजा और भारत माता की वंदना से अपना दिनचर्या की शुरुआत करने वाले महात्मा गांधी के अनुयायी टाना भगत की भूमि का 1956 से भुगतेय सेस की राशि को माफ कर दिया गया एवं नि:शुल्क लगान रशीद निर्गत करने का निर्णय लिया गया। झारखंड के स्थानीय पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के अंतर्गत पूर्व में सात जिलों में कार्यरत मानकी, मुंडा, ग्राम प्रधान एवं डाकुवा की तरह अन्य जिलों में कार्यरत मानकी को तीन हजार रूपये, मुंडा एवं ग्राम प्रधान को दो हजार रूपये तथा डाकुवा, परगणैत, पराणिक, जोमांझी, कुड़ाम नायकी, नायकी, गोड़ैत, मूल रैयत, पड़हा राज, ग्राम सभा प्रधान, घटवाल एवं तावेदार को एक हजार रूपये प्रति माह के दर से समान राशि का भुगतान किये जाने का प्रावधान किया गया है। करंज तेल आधारित बायो डीजल के उत्पादन प्रसंस्करण एवं विकास के लिए वनप ज्योति योजना प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है। राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया एवं पत्रकारों के कल्याण के लिए भी सरकार कृत संकल्पित है। रांची प्रेस क्लब का उद्घाटन किया जा चुका है। देवघर तथा धनबाद में प्रेस क्लब का निर्माण प्रारंभ हो चुका है। अगले वित्तीय वर्ष में पलामू एवं पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिले में प्रेस क्लब का निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। गुजरात सरकार द्वारा एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के समीप झारखंड भवन के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है, जिसकी स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। नई दिल्ली में 84 करोड़ रुपये की लागत से द्वितीय झारखंड भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन अपनी सीट से खड़े होकर कुछ बोलते रहे, लेकिन उनकी बातें सुनी नहीं जा सकी। इसी दौरान झामुमो के कुछ विधायकों ने सदन के बीच जाकर शोरगुल किया लेकिन राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा। हिन्दुस्थान समाचार/विनय/कृष्ण/ संजीव
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