Hindusthan Samachar
Banner 2 गुरुवार, अप्रैल 25, 2019 | समय 17:56 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

डिजिटल कौशल ही आईटी-बीपीएम उद्योग का भविष्य तय करेगा : मुख्यमंत्री

By HindusthanSamachar | Publish Date: Feb 20 2019 4:43PM
डिजिटल कौशल ही आईटी-बीपीएम उद्योग का भविष्य तय करेगा : मुख्यमंत्री

राधेश्याम

मुंबई, 20 फरवरी (हि.स.)। नैसकॉम टेक्नोलॉजी और लीडरशिप फोरम (एनटीएलएफ 2019) के फ्लैगशिप में बुधवार को मुंबई में आयोजित सेमिनार में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हिस्सा लिया। फडणवीस ने कहा कि नागरिकों को समय पर सेवाएं देने के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओऱ से कई आईटी पहल शुरू की गई हैं। इससे त्वरित निर्णय लेने और काम की गति बढ़ाने में मदद मिल रही है। 

सीएम फडण्वीस ने कहा कि  महाराष्ट्र सरकार ने आईटी सेक्टर की बेहतरी के लिए स्वतंत्र आईटी पॉलिसी की घोषणा की है, जिससे आईटी-बीपीएम सेक्टर की कंपनियां भी निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं। डिजिटल कौशल ही आईटी-बीपीएम सेक्टर के भविष्य को तय करेंगी। नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनी (नैसकॉम) ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान आईटी उद्योग जगत के प्रदर्शन व नए रुझानों की जानकारी दी।

नैसकॉम की ओर से बताया गया कि आईटी-बीपीएम उद्योग में भारत के अभियंता बेहतर प्रदर्शन करेंगे और डिजिटल कौशल को बढ़ाने के साथ ही आईटी-बीपीएम सेक्टर का भविष्य तय होगा। नैसकॉम ने इस वर्ष ’द ईयर ऑफ़ डिजिटल एक्सिलरेशन’ के रूप मनाने का निर्णय लिया। डिजिटल सोल्यूशन पार्टनर के रूप में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय आईटी व तकनीकी सेक्टर के उद्योगों के लिए वित्त वर्ष 2018-19 बेहतर नतीजे लेकर आया है। नैसकॉम की ओर से बताया गया कि आईटी सेक्टर की कंपनियों ने इस वित्त वर्ष में निर्यात क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है और 137 बिलियन अमेरिकी डॉलर का राजस्व लक्ष्य को हासिल किया है।

नैसकॉम ने इस वित्त वर्ष में जो लक्ष्य रखा था, उससे 7-9 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। नैसकॉम की ओर से बताया गया कि आईटी सेवाओं से परे डिजिटल सेक्टर ने इस साल बेहतर नतीजे दिए हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में उद्योग के राजस्व में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। स्टार्ट-अप सेक्टर में भी बेहतर नतीजे आने की उम्मीद है। भारत में इस वर्ष 8 नए यूनिक स्टार्टअप्स शुरू हुए जिससे फंडिंग अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। उभरती प्रौद्योगिकियों के रूप में इस साल भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोद्योगिकी क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। यह उद्योग अब 6,00,000 से अधिक पेशेवरों के साथ डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग सेक्चर का कुशल संचालन कर रहा है। भारत इस क्षेत्र में प्रमुख बाजार के रूप में उभर रहा है, एक नए इनोवेशन हब के रूप में सामने आ रहा है। डिजिटल उद्योग में दुनिया की प्रमुख कंपनियों की ओर से भी भारत में निवेश किया जा रहा है।

नैसकॉम के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने कहा कि आईटी-बीपीएम उद्योग अब 180 बिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त करने वाला सेक्टर बन गया है, जो भारत के विकास के लिए एक प्रमुख उत्प्रेरक के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। विश्व स्तर पर भारत के इस उद्योग ने अपनी पहचान बनाई है। आईटी-बीपीएम उद्योग इस साल 33 बिलियन डॉलर का राजस्व हासिल करेगा। साल हजार से अधिक टेक स्टार्टअप्स के साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा हब बन गया है। इस साल इस सेक्टर में 1.70 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध होंगे। इस साल भारत में 40 नए आर एंड डी जीसीसी की स्थापना की गई है।

नैसकॉम की अध्यक्ष देबजानी घोष ने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान सीईओ सेंटीमेंट की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। वैश्विक व्यापक आर्थिक जोखिमों की चिंताओं की पृष्ठभूमि के बावजूद आशावादी रूझान देखा जा रहा है। हालांकि डिजिटलाइजेशन की पहल व्यवसाय परिवर्तन का बेस है। हालांकि भवन निर्माण प्रोडक्ट्स और टैलेंट पूल की बेहतरी के लिए निवेश बढ़ने की उम्मीद है। पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक से अधिक सहयोग मिलेगा। अगले दशक तक भारत आईटी-बीपीएम उद्योग में बेहतर नतीजे हासिल करेगा। इसके अलावा डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग बिजनेस और ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया को आगे बढ़ाने में भी योगदान देगा।

हिन्दुस्थान समाचार

लोकप्रिय खबरें
फोटो और वीडियो गैलरी
image