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षडयंत्रपूर्वक कोसा सेंटर बंद कर बस्तर का कोसा फल भेजा जा रहा

By HindusthanSamachar | Publish Date: May 18 2018 1:12PM
षडयंत्रपूर्वक कोसा सेंटर बंद कर बस्तर का कोसा फल भेजा जा रहा
जगदलपुर, 18 मई (हि.स.)। बस्तर में कोसा वस्त्रों के लिये आवश्यक कोसा ककुनों की पैदावार होती है, लेकिन यह दुर्भाग्य है कि यहां पर इन ककुनों के उपयोग से बनने वाले वस्त्र कोसा सेंटर के बंद होने से बाहर भेजे जा रहे हैं। आज भी लाखों की संख्या में यह कोसाफल भेजे जाते हैं। इस संबंध में यहां पर पूर्व में कार्यरत कर्मचारियों ने और इसमें कार्य कर चुके अधिकारियों ने बताया कि शासन की उदासीनता और अनदेखी के चलते आज यह स्थिति निर्मित हुई है। जब कि इस संबंध में वर्तमान में यही कहा जाता है कि बुनकरों की इस कार्य की ओर रूचि नहीं होने से कोसा केन्द्र बंद हुआ है। वर्तमान में नगर के अंदर ही स्थित यह कोसा केन्द्र किसी समय अपने कोसा वस्त्रों के लिये प्रसिद्ध था। आज कार्य बंद होने से अपनी बदहाली पर रो रहा है। इस संबंध में इसमें कार्य कर चुके कर्मचारियों ने बताया कि जिस प्रकार से इस कार्य में मेहनत होती है और आज जिस प्रकार से महंगाई बढ़ती जा रही है उसके अनुपात में उन्हें पर्याप्त पारिश्रमिक नहीं मिलता था। जिसके कारण उन्हें अपने परिवार और संतोष जनक जीवन जीने के लिये अन्य व्यवसाय को अपनाना पड़ा। इस संबंध में उन्होंने शासन तथा प्रशासन से कई बार आग्रह किया लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि उन्हें अपने पीढिय़ों से चले आ रहे कार्य को छोड़कर अन्य कार्याे को अपनाना पड़ा। जिसका परिणाम यह भी हुआ कि उनकी नई पीढ़ी ने अब इस कार्य को कभी अपनाने का ख्याल ही नहीं किया और उनकी रूचि घट गई। इसीलिए आज कोसा केन्द्र बंद पड़ा है तथा उसके परंपरागत कारीगर लुप्त प्राय हो गये हैं। जब कि आज भी बाजार में कोसा वस्त्रों की अच्छी मांग है और उसके मूल्य भी अच्छे मिलते हैं। हिन्दुस्थान समाचार / सुधीर / पल्लवी
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