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जियो और जीने दो’ जयघोष के साथ निकली श्रीजी की शोभायात्रा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 17 2019 8:06PM
जियो और जीने दो’ जयघोष के साथ निकली श्रीजी की  शोभायात्रा
गुना, 17 अप्रैल (हि.स.)। विश्व को सत्य, अहिंसा का संदेश देने वाले जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्म जयंती कल्याणक महोत्सव बुधवार को गुना सहित जिलेभर में भक्तिभाव से मनाया गया। इस मौके पर मुनिश्री विद्यासागरजी महाराज, शांतिसागरजी एवं प्रशांत सागरजी महाराज, आर्यिका मां दुर्लभमति माताजी, अंतरमति माताजी सहित 24 आर्यिका माताजियों के सानिध्य में शहर के प्रमुख मार्गों से श्रीजी की शोभायात्रा निकली। इसके पूर्व प्रात: 6:15 बजे से नगर के सभी मंदिरों पर सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन हुई। दोपहर में श्री जी भव्य शोभायात्रा स्थानीय चौधरी मोहल्ला स्थित पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से आरंभ हुई। जो बताश गली, नीचला बाजार, सदर बाजार, जयस्तंभ चौराहा से होते हुए नईसडक़, पंडा चौराहा से पुन: बड़ा जैन मंदिर पहुंची। यहां श्रीजी का अभिषेक एवं शातिधारा हुई। इस मौके पर आयोजित धर्मसभा में मुनिश्री विद्यासागरजी महाराज ने कहा कि धरती पर महापुरूषों का जन्म अपने उत्थान के साथ दूसरे के कल्याण के लिए होता है। लेकिन उनके जन्म मात्र से हमारा कल्याण नहीं होगा। हमें भी उनके बताए उपदेशों के मार्गों पर चलना होगा। मुनिश्री ने कहा कि आज विश्व में सभी विवादों का एकमात्र हल महावीर स्वामी के संदेश हैं। इस मौके पर मुनिश्री ने आजादी आंदोलन में जैनों के उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के आंदोलन में जैनों ने बहुत बलिदान दिया। आज भी सेना में हमारे बड़ी संख्या में जवान है। लेकिन यह संख्या और बढ़ाने की जरूरत है, ताकि सेना में जैन रेजीमेंट बनाई जाए। मुनिश्री ने युवाओं से देशसेवा और विश्वशांति के लिए भारतीय सेना में शामिल होने की अपील की। मुनिश्री ने कहा कि सेना में सैनिक की कोई जाति, धर्म नहीं होता, वह सिर्फ भारतीय होता है। भारत भूमि वीरों, संतों और संस्कारों की भूमि-मुनिश्री शांतिसागरजी इस अवसर पर मुनिश्री प्रशांत सागरजी महाराज ने महावीर स्वामी के संदेश ''जियो और जीने दो’ पर प्रकाश डाला। वहीं मुनिश्री शांतिसागरजी महाराज ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं जो इस भारतभूमि पर जन्में। यह भारत भूमि वीरों, संतों और संस्कारों की भूमि है। इस अवसर पर आर्यिका मां दुर्लभ मति माताजी ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी की हर प्राणी के प्रति करूणा की भावना थी। माताजी ने कहा कि हमारा खान-पान, रहन-सहन सब अहिंसक होना चाहिए। तभी यह महावीर जयंती मनाना सार्थक होगा। स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस ने उतारी आरती महावीर जयंती के मौके पर निकले चल समारोह का कांगे्रस कमेटी द्वारा आरती उतार कर स्वागत किया गया। इस मौके पर सदर बाजार में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने मुनिसंघ का श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया। वहीं लक्ष्मीगंज में कांग्रेस जिलाध्यक्ष विठ्लदास मीना, अनिल रूपश्री, देवेन्द्र गुप्ता, पार्षद दीपेश पाटनी, सूर्यकांत जगताप, मानसिंह परसौदा, संजय देखमुख आदि ने श्रीजी की आरती उतारी। इस अवसर पर दोपहर में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा गरीबों को भोजन एवं वस्त्र वितरण, जिला अस्पताल में मरीजों को फल वितरण, शाम को गौशाला में गायों को रोटी-गुड खिलाया गया। वहीं शाम को बालक वर्धमान का पालना झुलाना एवं आरती हुई। रात्रि में सांगानेर से आए अरूण शास्त्रीजी के प्रवचन एवं पाठशाला परिवार द्वारा ''भक्ति से मुक्ति’ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक / मुकेश
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