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युवती ने बाल विवाह नकारा तो घर से निकाला, सारथी बना मददगार

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 17 2019 7:06PM
युवती ने बाल विवाह नकारा तो घर से निकाला, सारथी बना मददगार
जोधपुर, 17 अप्रैल (हि.स.)। एक युवती के बाल विवाह को मानने से इनकार कर बाल विवाह निरस्त करवाने की मंशा जताना उसके परिजनों को इस तरह से नागवार गुजरी कि उसके साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया। युवती ने सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी एवं पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डॉ. कृति भारती से मदद की गुहार लगाई। डॉ. कृति भारती ने युवती का रेस्क्यू कर उसको सुरक्षित नारी निकेतन पहुंचाया। खास बात यह रही कि युवती को संरक्षित करने के लिए बुधवार को अवकाश के दिन भी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का कार्यालय खोला गया। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र की अठारह वर्षीय युवती गीता कुमारी का वर्ष 2011 में 10 वर्ष की उम्र में केरु क्षेत्र के युवक से बाल विवाह कर दिया गया था। एक पखवाडे बाद ही आखातीज पर युवती का मुकलावा करने की तैयारी की जा रही थी। इस बीच युवती ने बाल विवाह मानने से इनकार कर दिया था। वहीं सारथी ट्रस्ट की डॉ.कृति भारती से बाल विवाह निरस्त करवाने के लिए संपर्क किया था। ससुराल की काउंसलिंग डॉ. कृति भारती ने युवती के ससुराल पक्ष की काउंसलिंग कर युवती की मंशा अनुरूप बाल विवाह निरस्त करवाने के लिए रजामंद करने के प्रयास शुरू कर दी थी। ससुराल पक्ष ने युवती के परिजनों को बाल विवाह निरस्त करवाने की मंशा बता दी थी। युवती का बाल विवाह मानने से इनकार करना उसके खुद के परिजनों को नागवार गुजरा। युवती के परिजनों ने मंगलवार रात को युवती से मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद युवती को घर से बाहर निकाल दिया। बेबस युवती ने मंगलवार रात खुद की सहपाठी के घर गुजारी। डॉ. कृति ने रेस्क्यू किया युवती ने सारथी ट्रस्ट की डॉ.कृति भारती से बुधवार सुबह संपर्क कर उसे घर से बेघर कर देने की जानकारी दी। जिस पर डॉ. कृति भारती ने तत्काल ही जाकर युवती का रेस्क्यू कर खुद के संरक्षण में लिया। वहीं डॉ. कृति भारती ने तुरंत ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक अनिल व्यास को घटना के बारे में जानकारी दी। व्यास ने मामले की गंभीरता देखकर गुरुवार को अवकाश के बावजूद कार्यालय खोला। व्यास ने युवती के प्रारंभिक बयान लेकर नारी निकेतन भेजा। जहां नारी निकेतन की अधीक्षक आशमा पीरजादा ने तत्काल युवती को सुरक्षित संरक्षित किया। इनका कहना है- युवती को मारपीट कर घर से निकालने के बाद उसे नारी निकेतन में सुरक्षित संरक्षित किया गया है। युवती के बाल विवाह निरस्त के लिए न्यायिक प्रक्रिया की जाएगी। -डॉ.कृति भारती, मैनेजिंग ट्रस्टी एवं पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, सारथी ट्रस्ट। मुझे बाल विवाह मंजूर नहीं है। मैंने बाल विवाह निरस्त करवाने के लिए डॉ.कृति दीदी से सम्पर्क किया था। इस बीच मेरे परिजनों ने मेरे साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया। कृति दीदी ने मुझे नारी निकेतन में संरक्षित करवाया। - गीता कुमारी, बाल विवाह पीडिता। मुझे डॉ.कृति भारती ने फोन कर युवती को घर बदर करने के बारे में जानकारी दी थी। जिसके बाद अवकाश के दिन कार्यालय खुलवाकर नारी निकेतन में संरक्षित किया गया है। - अनिल व्यास, उपनिदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश/ ईश्वर
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