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अलवर में भाजपा- कांग्रेस के बीच होगा दिलचस्प मुकाबला

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 17 2019 6:59PM
अलवर में भाजपा- कांग्रेस के बीच होगा दिलचस्प मुकाबला
अलवर, 17 अप्रैल (हि.स.)। अलवर का लोकसभा क्षेत्र विभिन्न जातियों और राजनीतिक पार्टियों पर टिका हुआ है। अलवर जिले में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग साढ़े तेईस लाख हैं। ऐसे में राजनीतिक समीकरण के आधार पर यादव,एससी और मेव बड़े वोट बैंक माने जाते हैं। इस बार अलवर लोकसभा चुनाव में चार प्रत्याशी मैदान में हैं। कांग्रेस से पूर्व केन्द्रीय मंत्री रहे जितेन्द्र सिंह तो भाजपा से महन्त बालक नाथ अपने पक्ष में वोट मांग रहे है। इधर बसपा ने मेव वोट बैंक में सेंधमारी के साथ एससी वोटर को लुभाने के लिए मेव समाज के युवा इमरान को मैदान में उतारा है। चौथे प्रत्याशी के रूप में निर्दलीय प्रत्याशी रमेश कुमार आहुजा भी मैदान में खड़े हुए हैं। प्रमुख मुकाबला तो कांग्रेस और भाजपा के बीच में ही है। इस बात में कही कोई संदेह नहीं कि मोदी फैक्टर इस बार भी काफी तेजी से काम कर रहा है। कहीं ना कही इस बात का फायदा भाजपा प्रत्याशी के पक्ष को मजबूती प्रदान कर रहा है। जातिगत समीकरण के आधार पर यादव, मेव और एसी बाहुल्य होनें के कारण इन जातियों का आशीर्वाद जिस प्रत्याशी को मिल सकता है उसका संसद पहुंचना लगभग तय सा ही है। भाजपा प्रत्याशी महन्त बालक नाथ के गुरू पिछले चुनाव में कांग्रेस के जितेन्द्र सिंह को लगभग ढ़ाई लाख से पटखनी दे चुके थे अलवर नहीं आने और बीमार रहने के कारण अलवर में सांसद कोटे से विकास नहीं हो पाने के कारण अलवर की जनता का विश्वास खो दिया लेकिन मोदी रिपीट फैक्टर बढऩे और भावनात्मक लोगों से जुडने के कारण भाजपा प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। वही कांग्रेस के जितेन्द्र सिंह ने यूं तो काफी विकास कार्य कराए हैं लेकिन अपनी ही पार्टी के लोगों के साथ मनमुटाव उनका नुकसान कर सकती है। यही जितेन्द्र सिंह की हार का बससे बड़ा कारण बनकर सामने आ सकती है। हिन्दुस्थान समाचार/बीना/ ईश्वर
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