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सात घंटे तक कैदियों के कब्जे में रही आजमगढ़ जेल, किया उपद्रव

By HindusthanSamachar | Publish Date: Mar 17 2019 12:30PM
सात घंटे तक कैदियों के कब्जे में रही आजमगढ़ जेल, किया उपद्रव
-सीआईएफएस के पहुंचने के बाद शान्त हुए कैदियों ने जिला प्रशासन से वार्ता की आजमगढ़, 17 मार्च (हि.स.)। चंडेश्वर स्थित मंडल कारागार में कैदियों ने करीब सात घंटे बाद पूरी जेल को बंधक बनाये रखा। शनिवार की देर रात सीआईएफएस के पहुंचने पर रात करीब 12 बजे कैदी शान्त हुए और जिला प्रशासन से वार्ता की। जिला प्रशासन ने दावा किया है कि जेल में पुलिस की छापेमारी से कैदियों में काफी आक्रोश था लेकिन अब हालात पूरी तरह से ठीक है। घटना की जांच के आदेश दे दिये गये हैं। जिला जेल की नंबर पांच में शुक्रवार की रात बिस्तर बिछाने को लेकर सजायाफ्ता कैदी आजमगढ़ के गहजी थाना अहिरौला निवासी विनय पांडेय और कस्बा सरायमीर आजमगढ़ निवासी अतहर के बीच मारपीट हुई जिसमें विनय पांडेय नामक बंदी घायल हो गया। इस सूचना के बाद जिलाधिकारी ने एडीएम के नेतृत्व में शनिवार को पुलिस टीम के साथ जिला जेल में सघन तलाशी अभियान चलाया था। इस अभियान में पुलिस ने 36 मोबाइल फोन और ईयरफोन बरामद किये और सात कैदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद शाम करीब पांच बजे पुलिस टीम वापस चली गयी। जिला प्रशासन के सर्च आपरेशन से नाराज कैदी बंदी रक्षकों के साथ मारपीट करने लगे। इसके बाद जिला प्रशासन को सूचना दी गयी। करीब 6 बजे दर्जनों थानों की पुलिस, स्वॉट और पीएसी के साथ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी जिला जेल के अदंर दाखिल हुए। पुलिस ने पहले जेल परिसर की बिजली काटी और कैदियों में दहशत फैलाने के लिए कई राउन्ड हवा में फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ लाठीचार्ज किया। कैदियों पर इन सब का कोई असर नहीं हुआ बल्कि इससे कैदी और भड़क उठे और पुलिस टीम पर ही पथराव के साथ गुरिल्ला युद्ध छेड़कर पूरी जेल पर अपना कब्जा कर लिया। इसके बाद जिला प्रशासन ने देर रात करीब दस बजे केन्द्रीय सुरक्षा बल सीआईएसएफ को जेल में बुलाया जिसके बाद रात करीब 12 बजे कैदियों पर काबू पाया जा सका। इसके बाद जिला प्रशासन ने जेल प्रशासन से वार्ता की। देर रात हालात सामान्य होने पर जेल से बाहर निकले जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि जिला प्रशासन की छापेमारी और बंदी रक्षकों की पिटाई से कैदी आक्रोशित हो गये थे। घटना में दो कैदी घायल हुए हैं। इस लापरवाही के पीछे जेल प्रशासन के कुछ लोग जिम्मेदार हैं। घटना की जांच की जा रही है। जिलाधिकारी ने जेल में पुलिस की हवाई फायरिंग होने से इनकार कर दिया। जेल में हालात से निपटने में पुलिस के फेल होने के सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि सीआईएसएफ भी हमारी फोर्स का हिस्सा है। सीआईएफएस को बुलाया गया था लेकिन बातचीत से ही मामला शान्त हो गया। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/सुनीत \
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