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दंतेवाड़ा में मिली बिरले बाम्बे ब्लड ग्रुप की महिला

By HindusthanSamachar | Publish Date: Mar 16 2019 10:02PM
दंतेवाड़ा में मिली बिरले बाम्बे ब्लड ग्रुप की महिला
जगदलपुर, 16 मार्च (हि.स.)। दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में उस वक्त खलबली मच गयी, जब यहाँ खून की कमी से जूझ रहे एक मरीज को यहाँ के डॉक्टरों ने बॉम्बे ब्लड ग्रुप का होना पाया। गौरतलब है कि यह ग्रुप पूरे विश्व में केवल 0.0004 फीसदी लोगों में ही पाया जाता है। अगर भारत की बात करें तो प्रत्येक 10 हजार लोगों में से एक में ही इसकी उपलब्धता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कल शुक्रवार को रक्तस्राव की समस्या से पीडि़त महिला कुआकोंडा निवासी सूरजवती को अस्पताल लाया गया था। अत्यधिक खून की कमी के कारण अस्पताल इसकी व्यवस्था में लगा रहा। इस व्यवस्था से पूर्व उक्त महिला के रक्त की जांच पैथोलोजिस्ट दीपेन्द्र भदौरिया ने की और जब इसकी रिपोर्ट आई तो उनके भी होश उड़ गए, क्योंकि इस महिला का रक्त समूह बॉम्बे था। बहुत ही कम उपलब्धता के चलते बड़ी ही मुश्किल से डोंगरगढ़ से फार्मासिस्ट राहुल सोनकर को रक्तदान करने के लिए बुलाया गया था, जिन्होंने रक्तदान कर दिया है। इस सम्बन्ध में भदौरिया ने बताया कि डब्लूएचओ के मुताबिक देश में इस रक्त समूह के केवल 179 लोग पंजीकृत थे, उक्त महिला अब 180 की गिनती में हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में इससे पूर्व भी जुलाई 2018 में 35 वर्षीया सुंदरीबाई नामक महिला का भी यही रक्त समूह मिला था। इस महिला को भी खून की कमी थी। यही नहीं, बॉम्बे ब्लड ग्रुप सर्वप्रथम 1952 में बॉम्बे में पाया गया था और इसकी खोज डॉक्टर वाईएम भेंडे ने की थी। सामान्य रक्त की तुलना में इस समूह के रक्त में एच एंटीजन पाया जाता है। हिन्दुस्थान समाचार/ सुधीर/केशव/जितेन
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