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अच्छा संतान तैयार करना मातृशक्ति की जिम्मेदारी-साध्वी ऋतम्भरा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Dec 8 2018 9:20PM
अच्छा संतान तैयार करना मातृशक्ति की जिम्मेदारी-साध्वी ऋतम्भरा
- जड़ों से जुड़ने का प्रयत्न है महिला शक्ति कुम्भ- साध्वी ऋ​तम्भरा मथुरा,08 दिसम्बर (हि.स.)। परम शक्ति पीठ की संचालिका साध्वी ऋम्भरा ने शनिवार को वृंदावन के अक्षय पात्र के नारी शक्ति कुम्भ के तहत आयोजित चित्र प्रदर्शनीय के उद्घाटन अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी जड़ों से जुड़ने का प्रयत्न है महिला शक्ति कुम्भ। उन्होंने महिलाओं का नसीहत दी कि जो बटोरा जाता है वो विसाद होता है और जो बांटा जाता है वो प्रसाद होता है। भारत की महिला शक्ति देने की परम्परा में विश्वास रखती है। जब दुनिया समस्या ग्रस्त होती है तो वह समाधान के लिए भारत की ओर देखती है। राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक व मातृत्व शक्ति की लिहाज से भारत का दुनिया में काफी महत्व है, लेकिन जब भ्रष्टाचार बलात्कार की घटनाएं होती है तो अच्छा नहीं लगता है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भारत को श्रेष्ठ नागरिक देने की जिम्मेदारी हम माताओं की है। अगर हम अपनी जड़ों के सींचेंगे तो हमारा गौरव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हम महिलाएं रिश्तों को कपड़ों की तरह नहीं बदलती। हमारी जड़ मां भारती की पूजा, हमारी संस्कृति और हमारी परम्पराएं ही हैं। हमने रिश्तों को दिल की धड़कनों की तरह निभाया है। नारी जब जीवन के उत्तरार्ध में पहुंची है तो उसके चेहरे पर संतुष्टी का भाव होता है। नारी जगत देने में ही संतोष व्यक्त करता है। साध्वी ऋतम्भरा दीदी ने ​कहा कि हमें अपने बच्चों को शराब के नशे से बचाना चाहिए क्योंकि शराब का नशा सुबह तक उतर जाता है। हमें अपने बच्चों को देशभक्ति का नशा करने की प्रेरणा देनी चाहिए। यह ऐसा नशा है जो बढ़ता ही रहता है। उन्होंने कहा कि माताओं का आश्रय पाने की जरूरत जगदीश्वर को भी पड़ती है। भारत की संताने अवसाद ग्रसित ना हो इसके लिए माताओं को उनको दृष्टि देनी चाहिए। दीदी ने कहा कि हमें भारत को दुनिया का विश्व गुरु बनाने के लिए अपने पुरखों की उज्जवल परम्परा को स्वीकारना होगा। स्वामी विवेकानन्द की एक संस्मरण को सुनाते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने अपने जवानी की उन्माद में भी अच्छे संतान की चाह में जीवन संगिनी बनने का आग्रह करने पर भी उन्होंने अपने को ही बेटा मान लेने का आग्रह किया। कहा कि अच्छा संतान तैयार करना ही मातृशक्ति की जिम्मेदारी है। हिन्दुस्थान समाचार/ सियाराम/ श्रीकांत/राजेश
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