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राष्ट्रीय वैज्ञानिक संगोष्ठी का समापन, बच्‍चों ने सीखा वैज्ञानिकों से विशेष ज्ञान

By HindusthanSamachar | Publish Date: Dec 8 2018 9:13PM
राष्ट्रीय वैज्ञानिक संगोष्ठी का समापन, बच्‍चों ने सीखा वैज्ञानिकों से विशेष ज्ञान
वैज्ञानिकों के साथ-साथ शोधकर्ता भी हुये सम्मानित सतना, 08 दिसम्‍बर (हि.स.) । चित्रकूट में महात्मा गॉधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में नासी के 88 वें वार्षिक अधिवेशन और राष्ट्रीय वैज्ञानिक संगोष्ठी के अंतिम दिन शनिवार को भौतकीय विज्ञान एवं जैवकीय विज्ञान से सम्बन्धित शोध पत्रों का वाचन, व्याख्यान एवं पोस्टर प्रस्तुतियाँ की गयीं। इस अवसर पर चिल्ड्रन साइन्स मीट का आयोजन भी हुआ, जिसमें इस क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। समापन सत्र् की अध्यक्षता करते हुये पद्म विभूषण से सम्मानित नासी के अध्यक्ष प्रो. अनिल काकोड़कर ने वैज्ञानिकों द्वारा किये जा रहे अनुसंधान की प्रांसगिकता पर प्रकाश डालते हुये कहा कि नासी इस दिशा में सार्थक प्रयास कर रहा है। अनुभवी प्राध्यापकों, युवा अनुसन्धानकर्ताओं, वैज्ञानिकों को एक मंच में एकत्रित कर विज्ञान के प्रति जागरूकता पैदा करने का सफलतम और अभिनव प्रयास कर रहा है। काकोडकर ने इस आयोजन के लिये ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेशचन्द्र गौतम, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव डॉ. अभय महाजन एवं स्थानीय आयोजन सचिव प्रो. इन्द्रप्रसाद त्रिपाठी आदि की सराहना करते हुये कहा कि नासी के इस राष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाने में सभी ने पूरा सहयोग किया है। इसके पूर्व काकोडकर ने उद्यमिता विद्यापीठ में सम्पन्न चिल्ड्रन साइन्स मीट को सम्बोधित करते हुये कहा कि नानाजी देशमुख से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है। उन्होंने समाजसेवी नानाजी के जीवन से जुड़े अनेक प्रसंगों को छात्र- छात्राओं के साथ साझा करते हुये कहा कि मुझे खुशी है समाजसेवी नानाजी के कर्म क्षेत्र संयुक्त चित्रकूट के 50 किलोमीटर की परिधि में आने वाले क्षेत्र के हाई स्कूल एवं इण्टर मीडियेट स्तर के छात्र-छात्रायें विश्वस्तर के वैज्ञानिकों से सीखने के लिये उपस्थित हुये हैं। मुझे विश्वास है कि जिस भावना से बच्चे यहां आये, उसे पाने में सफल होंगें। उन्होंने संविधान में विज्ञान की भूमिका और समाज में विज्ञान की उपयोगिता तथा उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि गांवों के विकास के लिये विज्ञान और तकनीकि को अपनाना होगा। उन्होनें चिल्ड्रेन साइन्स मीट को अभिभावको को जागरूक करने का उपयुक्त माध्यम बताया। समापन सत्र् में दीनदयाल शोध सस्थान के संगठन सचिव डॉ. अभय महाजन, नासी की पूर्व अध्यक्ष मंजू शर्मा, डॉ. यू.सी. श्रीवास्तव, डॉ. अखिलेश त्यागी और ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेशचन्द्र गौतम व नासी के प्रसाशनिक सचिव डॉ. नीरज कुमार भी उपस्थित रहे। वैज्ञानिकों द्वारा तकनीकी सत्रों के दौरान प्रस्तुत किये गये अनुसंधान स्थितियों एवं सुझाओं पर चर्चा करते हुये नासी की पूर्व अध्यक्ष प्रो. मंजू शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय वैज्ञानिक संगोष्ठी और वार्षिक अधिवेशन के निर्णयों को संकलित कर सरकार को कार्ययोजना के साथ प्रेषित किया जायेगा। इस अवसर पर वर्ष 2018 के नासी यंग साइन्टिस्ट प्लेटिनम जुबली अवार्ड, स्वर्ण जंयती पुरस्कार, स्पिंगर यंग साइन्टिस्ट एवार्ड भी वैज्ञानिकों, शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों को प्रदान किया गया। आयोजन के प्रमुख संयोजक प्रो. मंजू शर्मा ने वार्षिक अधिवेशन की आख्या प्रस्तुत की। इस दौरान नासी रिलाइंस अवार्ड से सम्मानित देश के प्रख्यात वैज्ञानिकों ने व्याख्यान भी दिये। आंमत्रित व्याख्यानों में आई.आई.एस.सी. बंगलौर के प्रो. कांता भट्ट, आई.आई.टी. मुम्बई के प्रों. रोहित श्रीवास्तव, बी.एच.यू. वनारस के प्रो. प्राले मैथी ने भौतिकीय विज्ञान पर प्रकाश डाला। इसी प्रकार जैविकीय विज्ञान को लेकर थांजौर डॉ. सी. आनन्द धर्मा, मानेश्वर के प्रो. नन्दनीय चटर्जी सिंह व कोलकाता के डॉ. पुलक कुमार मुखर्जी अपने विचार प्रस्तुत किये। विशेष आंमत्रण व्याख्यानों की श्रंखला में मानेश्वर ग्लोबल यूनिवर्सिटी भोपाल कुलपति प्रो. अरूण कुमार पाण्डेय ने हिमालय में पायी जाने वाले वनस्पतियों की जैव विविधता पर प्रकाश डाला। रीवा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सत्यदेव ने गणितीय विज्ञान में प्रामणिकता की भूमिका पर विचार रखे। चिल्ड्रन साइन्स मीट में इन विद्यालयों के विद्यार्थी हुये शामिल नासी की ओर से इस आयोजन के स्थानीय आयोजन सचिव प्रो. आई.पी. त्रिपाठी एवं नासी बेर चेप्टर के सचिव डॉ. शिवेश प्रताप सिंह के अनुसार सुरेन्द्रपाल ग्रामोदय विद्यालय, संतोषी अखाडा हायरसेकेन्ड्री स्कूल, सद्गुरू पब्लिक स्कूल, मंहत प्रेमपुजारी हायर सेकेण्ड्री स्कूल कामता, केन्द्रीय विद्यालय चित्रकूट, बैजनाथ भरद्वाज हायरसेकेण्ड्री स्कूल, सेठ पोद्धार सीतापुर, कन्या सरस्वती हायर सेकेण्डरी, सेठ मूलचन्द्र विद्या मन्दिर कर्वी, सरस्वती हायर सेकेण्डरी स्कूल जैतवारा, सरस्वती हायर सेकेण्डरी स्कूल विरसिंहपुर के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने चिल्ड्रन साइन्स मीट में भाग लिया। वैज्ञानिकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को खूब सराहा महात्मा गॉधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक गोष्ठी एवं नासी के 88 वें वार्षिक अधिवेशन की सन्ध्या पर विवेकानन्द सभागार में ग्र्रामोदय विश्वविद्यालय के वी. म्यूज के छात्र-छात्राओं ने गीत/नृत्य के मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इसी क्रम में श्री सद्गुरू सेवा संघ ट्रस्ट चित्रकूट की ओर से डाडिंया नृत्य नर्सिंग की छात्राओं द्वारा आकर्षक प्रस्तुति की गई। जगतगुरू श्री रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने संगीत व यौगिक प्रस्तुति की। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम की अद्भुत प्रस्तुति बुन्देलखण्ड का प्रसिद्ध दीवारी लोक नृत्य के 25 सदस्यों के दल के साथ रमेश पाल के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम का निर्देशन व संयोंजन डॉ. आर. के. पाण्डेय ने करते हुये विभिन्न मंचीय प्रस्तुतियों का मनोहारी प्रस्तुतिकरण किया। इस अवसर पर विवेकानन्द सभागार में हजारों के सख्यां में दर्शक श्रोता तथा देश विदेश से पधारे वैज्ञानिकों ने सभी प्रस्तुतियों को खूब सराहा। हिन्‍दुस्‍थान समाचार / सतना
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