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स्कूल के नौनिहाल गंदे पानी से बुझाते हैं प्यास

By HindusthanSamachar | Publish Date: Dec 8 2018 9:11PM
स्कूल के नौनिहाल गंदे पानी से बुझाते हैं प्यास
सूरजपुर/सरगुजा, 08 दिसंबर (हि.स.)। जिले के प्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत भेड़िया के महुआडीह से हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां के एक माध्यमिक शाला के बच्चे उस नाले का गंदा पानी पीते हैं, जहां मवेशी भी प्यास बुझाते हैं। इन नौनिहालों को तो प्यास बुझानी पड़ रही है। उन्हें नहीं पता कि यह पानी गंदे नाले का है। सवाल है उन जिम्मेदारों की बेफिक्री का जो इसके लिए अधिकारी नियुक्त हैं। बताया गया है कि यहाँ के रहने वाले आज भी नदी और नाले का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत भेड़िया के आश्रित ग्राम कोड़ाकूपारा व महुआडांड़ में कुल 50 घर हैं। इन दोनों ग्रामों में पेयजल की विकराल समस्या है, कोड़ाकुपारा में लगा एक हैंडपंप काफी लंबे समय से खराब पड़ा है। महुआडांड़ में तो हैंडपंप नहीं है। आश्रित ग्रामों में हैंडपंप के नहीं होने की समस्या तो अविभाजित सरगुजा के अधिकांश ग्रामीण इलाकों के लिए अब सामान्य बात सी हो गई है। लेकिन आश्चर्य तो इस बात का है कि महुआडांड़ में संचालित माध्यमिक शाला में भी हैंडपंप नहीं है। माध्यमिक शाला में बच्चों की कुल दर्ज संख्या 36 है, वहीं पास में मौजूद आंगनबाड़ी में बच्चों की संख्या 25 है। महुआडांड़ व कोड़ाकुपारा के साथ ही स्कूल व आंगनबाड़ी के बच्चों को पीने के पानी की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है। हैंडपंप के लिए न तो प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही चुनाव के समय वोट मांगने पहुंचने वाले नेताओं ने। जिम्मेदारों की उदासीनता का खामियाजा ग्रामीण व मासूम भुगत रहे हैं। गंदे नाले में बनाते हैं गड्ढा : स्कूली बच्चे हर दिन मध्यान्ह भोजन करने के बाद प्यास लगने पर गंदे नाले के पास पहुंचते हैं। फिर यहां गड्ढा बनाकर हाथों में पानी भरकर पीते हैं। न जाने इस दौरान उनके पेट में कितने कीटाणु जाते होंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है, लेकिन उन्हें इससे क्या मतलब, वे तो बस प्यास बुझाते हैं। ग्रामीण जानते हैं कि नाले का पानी कितना गंदा है, लेकिन वे मजबूर हैं, पेयजल का कोई विकल्प नहीं होने से वे बच्चों को भी नहीं रोकते हैं। मध्यान्ह भोजन खाने के बाद बच्चे थालियां भी इसी नाले के पानी से धोलते हैं। ये वही नाला है, जिसका पानी मवेशी भी पीते हैं फिर कुल मिलाकर मवेशी व इंसान में कोई फर्क नहीं हुआ। भेड़िया ग्राम पंचायत की सचिव संगीता देवी का कहना है कि पेयजल की समस्या को लेकर कई बार जनपद पंचायत में अधिकारियों से शिकायत की गई है लेकिन आज तक किसी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश सिंह ने बातचीत के दौरान बताया कि, मामला बहुत ही संवेदनशील है। तत्काल मामले की जांच कर पीएचई विभाग के माध्यम से पानी के समस्या को दूर की जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/विक्की/तरुण/गायत्री/बच्चन
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