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रेरा का उल्लंघन करने पर जेल की सजा का प्राविधानःअहमद

By HindusthanSamachar | Publish Date: Dec 8 2018 9:03PM
रेरा का उल्लंघन करने पर जेल की सजा का प्राविधानःअहमद
गाजियाबाद, 08 दिसम्बर (हि.स.)। प्राइवेट बिल्डर की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित किए गए रियल स्टेट रेगुलेटरी एथारिटी (रेरा) के सचिव एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अबरार अहमद ने शनिवार को कहा कि रेरा के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने के साथ तीन साल के जेल की सजा का भी प्राविधान किया गया है। रेरा के गठन के बाद से पूरे प्रदेश भर से अब तक 9000 से ज्यादा शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें से 2500 शिकायतों का निस्तारण किया गया है। रेरा का प्रयास सभी मामलों में न केवल डेट तय करने का है बल्कि बाकायदा सुनवायी करते हुए उनका विधिवत निस्तारण किया जाएगा। शनिवार को लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन परिसर में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए ) द्वारा आयोजित कार्यशाला में अबरार अहमद ने कहा कि जिन ढाई हजार मामलों में निस्तारण किया गया,उनमें पैसा वसूल करते हुए उसे ट्रांसफर भी किया जा चुका है। रेरा अगले डेढ़ माह के भीतर प्रदेश में ई-कोर्ट की स्थापना किया जाएगा। मोबाइल एप की व्यवस्था भी की गई है, जिसके माध्यम से शिकायत की वस्तुस्थिति घर बैठे प्राप्त की जा सकेगी। प्रयास रेरा द्वारा जो डेट तय हो,उन्हें तब्दील न की जाए। जो आर्डर जारी किए जाते हैं, उन्हें भी अपलोड किया जा सकता है। अहमद ने कहा कि रेरा के गठन के बाद जानने में आया है कि पूरे प्रदेश में 1 मई 2017 में कई बड़े बिल्डरों के द्वारा प्रोजेक्ट धरातल पर आरंभ कर दिए गए थे, उनमें से करीब पांच सौ प्रोजेक्ट अभी तक रेरा में पंजीकृत नहीं कराए गए हैं। ऐसे बिल्डरों का पता लगाया जा रहा है। उन सभी बिल्डरों की सूची को सार्वजनिक किया जाएगा। उन्हें अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद उन पर एक्शन लिया जाएगा। इस तरह के मामलों में 123 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। रेरा में अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की आवंटी शिकायत दे सकते हैं। निश्चित तौर से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की भांति उत्तर प्रदेश के 18 हिस्सों में अब फोरम की भी स्थापना की जाएगी। ग्रेटर नोएडा में पांच तथा नोएडा गाजिबाद में दो दो फोरम की स्थापना की जाएगी, जिसमें आपसी समझौते के आधार पर समझौता हो सकेगा। बाकायदा लिखित में समझौता होगा। समझौते के उल्लंघन की स्थिति में बिल्डर अपील भी नहीं कर पाएगा। अहमद ने बिल्डर के बीच स्पष्ट किया कि कोई भी बिल्डर अपने प्रोजेक्ट के प्रचार-प्रसार के दौरान रेरा से अर्पूव शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकता है। बिल्डर को शत प्रतिशत कायदे-कानून का पालन करना होगा। इस बीच जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने भी रेरा के तहत अब तक अमल में लायी गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। हिन्दुस्थान समाचार/फरमान अली/जितेन्द्र बच्चन
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