Hindusthan Samachar
Banner 2 सोमवार, दिसम्बर 10, 2018 | समय 03:33 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

नारी शक्ति कुम्भ की चित्र प्रदर्शनी में छायी स्वनाम धन्य महिलाएं

By HindusthanSamachar | Publish Date: Dec 8 2018 8:44PM
नारी शक्ति कुम्भ की चित्र प्रदर्शनी में छायी स्वनाम धन्य महिलाएं
मथुरा,08 दिसम्बर (हि.स.)। वृंदावन के अक्षय पात्र में शनिवार को नारी शक्ति कुम्भ के अंतर्गत नारीत्व का तेजोवलय चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें समाज सेवा, साहित्य, राजनीति और देशभक्ति से जुड़ी देश की लगभग 70 से अधिक महिलाओं की चित्र प्रदर्शनी लगायी गयी। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौय, परम शक्ति वात्सल्य आश्रम की प्रधान संचालिका साध्वी ऋतम्भरा व डॉ भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डा.अरविद दीक्षित और वैचारिक कुंभ संयोजक पूर्व एमएलसी जयप्रकाश चतुर्वेदी ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। हाथ में कलश पनघट को जाती राधारानी और कृष्ण को हाथ पकड़ कर समझाती यशोदा मईया का चित्र दर्शकों द्वारा खूब सराहा गया। कभी भगवान श्री कृष्ण ने महात्मा विदुर के यहां उनकी पत्नी सुलभा के हाथ से केले के छिलके खाए थे। उस सुलभा का चित्र दर्शकों को भगवान श्री कृष्ण के भगवान के प्रति अनुराग की याद दिला गया। धनुर्धारी कृपाण तलवार और बरछी लिए द्रौपदी का चित्र प्रदर्शनी में आकर्षण का केन्द्र रहा। अर्धनारीश्वर शिव, माता सीता द्वारा धनुर्विद्या का अभ्यास कराना यह बताने के लिए काफी था कि नारी और पुरूष में कोई विभेद नहीं है। माता ही अपने बेटे को तेजस्वी और महान बना सकती है। विश्नोई समाज की एक महिला द्वारा अपने बेटे के साथ ही हिरण को भी स्तन पान कराने का दृश्य दर्शकों को प्रकृति एवं वन्य जीवन के प्रति प्रेम की भावना से ओत प्रोत कर गया। इस प्रदर्शनी में भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में बढ़ चढ़कर भाग लेने वाली रानी लक्ष्मीबाई, दुर्गा भाभी, रानी चिनम्मा, मैडम भीकाजी, रुस्तमकॉमा के चित्र इस बात की प्रतीति कराने में सफल रहे कि महिलाएं देश को सुरक्षित व संरक्षित रखने में पुरुषों से कम नहीं है। इस प्रदर्शनी में स्वनामधन्य साहित्यकार सुभद्रा कुमारी चौहान, महादेवी वर्मा, मनु भंडारी आदि के चित्र चर्चा के केन्द्र में रहे। संत परम्परा को गौरवान्वित करने वाली माता आनंदमयी, साध्वी ऋतम्भरा, रामकृष्ण परमहंस की पत्नी और स्वामी विवेकानन्द की गुरु माता का चित्र नारी समाज के अखंड गौरव व वात्सल्य भाव को पराकाष्ठा देता नजर आया। अहिल्याबाई होलकर सुचेता, राष्ट्र सेविका समिति की प्रथम सरसंचालिका लक्ष्मीबाई केलकर मौसीजी का चित्र भी लगा हुआ था। खिलाड़ियों में मिताली राज, मैरीकॉम पीबी सिंधू सुनीता विलियम के चित्र भी काफी सलीके से चित्र प्रदर्शनी की गरिमा बढ़ाते नजर आये। नीरजा भनोट, बछेन्द्रीपाल लतामंगेश्कर, तीजनबाई जैसी समाज सेवा, पर्वतारोहण, संगीत, और नृत्य के क्षेत्र में उलेखनीय योगदान करने वाली महिलाओं को भी इस चित्र प्रदर्शनी में प्राथमिकता दी गयी थी। इस प्रदर्शनी में स्वामी विवेकानन्द का एक चित्र ऐसा भी नजर आया जिसमें उन्होंने एक इतालवी युवती से प्राप्त विवाह के प्रस्ताव को अस्वीकार किया और उन्हें माता कह कर संबोधित किया। इस प्रदर्शनी की सबसे बड़ी यह विशेषता रही कि चित्र प्रदर्शनी में जिन महिलाओं के गौरवशाली चित्र लगे थे, उनके नीचे उनका संक्षिप्त परिचय भी दिया हुआ था। देश भर से आयी महिलाओं ने चित्र प्रदर्शनी देखी और चित्रों के नीचे लिखे परिचय को पढ़ा। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीकांत/सियाराम/राजेश
image