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एनटीपीसी के कोयला साइडिंग विस्तार का विरोध

By HindusthanSamachar | Publish Date: Dec 8 2018 8:29PM
एनटीपीसी के कोयला साइडिंग विस्तार का विरोध
हजारीबाग, 08 दिसम्बर (हि.स.)। कटकमदाग के बांका में एनटीपीसी के कोयला साइडिंग विस्तार का जमकर विरोध स्थानीय लोगों ने किया। एसडीओ मेघा भारद्वाज की मौजूदगी में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने खुलकर अपनी मांगें रखी। जिला परिषद सदस्य प्रियंका कुमारी ने कहा कि पूर्व में ग्रामीणें की जमीनें हजारीबाग से शिवपुर टोरी रेल लाईन के निर्माण के लिए लिया गया था। बाद में वन विभाग द्वारा रेल लाईन के लिए स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इस लाईन को यहां से हटाकर कठौतिया की ओर से शिवपुर ले जाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे लाईन निर्माण एवं पैसेंजर ट्रेन चलाने के नाम पर रैयतों ने महज एक लाख 20 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से रैयती जमीन दिया। इसके बावजूद विभाग के कर्मियों व अधिकारियों की गलती के कारण 106 प्लाट के 138 रैयतों को अभी तक मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है। अब रेलवे एनटीपीसी को जमीन बेचकर कोयला साइडिंग का विस्तार करना चाहता है। इसी क्रम में गांव की सड़क को भी काटा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जबरन गांव के पूर्वी छोर पर साइडिंग का निर्माण करवा ही दिया गया है। इस साइडिंग के कारण लोग परेशान हैं। प्रदूषण के कारण लोगों का जीना मुहाल है। खेती करना भी मुश्किल हो रहा है। अब कंपनी गांव के पश्चिमी छोर पर 1.8 किमी कोयला साइडिंग का विस्तार करना चाहती है। ऐसे में साइडिंग के बगल में गांव के लोगों का रहना मुश्किल हो जाएगा। प्रभु प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि ग्रामीणों का मानना है कि चूंकि इस रास्ते से रेलवे लाईन नहीं जा रही है ऐसे में उनकी जमीनें वापस कर दी जाएं। निर्मल प्रसाद ने कहा कि सदर विधायक मनीष जायसवाल ने सड़क काटकर अंडरपास बनाने एवं फुटवेयर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन ग्रामीणों ने इसे सहमति नहीं दी। महेन्द्र प्रसाद ने कहा कि जबरन कंपनी और ठेकेदार काम करना चाहते हैं, ग्रामीणों के विरोध पर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसा दिया जाता है। बेनी प्रसाद ने कहा कि वे सभी एक मत से साइडिंग का विस्तार नहीं चाहते हैं। प्रदीप ने कहा कि कंपनी निर्धारित एरिया में ही काम करे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात में कंपनी के लोग हथियार और पुलिस बल की मौजूदगी में काम करने पहुंचते हैं। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 50 से अधिक सालों से गैर मजरुआ खास जमीन का बंदोबस्ती किया हुआ है, रसीद कट रही है, फिर भी सरकारी जमीन कहकर बिना मुआवजा के ही उसका अधिग्रहण कर दिया गया। बैठक में डीएसपी अनिल कुमार सिंह, बीडिओ जितेन्द्र कुमार मंडल, सीओ ललन कुमार, थाना प्रभारी अजीत कुमार, मुखिया उदय कुमार साव, एनटीपीसी एवं रेलवे के अधिकारी उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार/शाद्वल/कृष्ण
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