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‘अयोध्या करती आह्वान, ठाठ से करो मंदिर निर्माण’ गीत गुनगुनाते रामलीला मैदान पहुंचेंगे रामभक्त

By HindusthanSamachar | Publish Date: Dec 8 2018 8:08PM
‘अयोध्या करती आह्वान, ठाठ से करो मंदिर निर्माण’ गीत गुनगुनाते रामलीला मैदान पहुंचेंगे रामभक्त
भगवा रंग से दिल्ली को पाटने की योजना, विहिप की 11 साल पहले हुई रैली से कई गुना व्यापक होगी ‘धर्म सभा’ नई दिल्ली, 08 दिसम्बर (हि.स.)। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की रविवार को रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘धर्मसभा’ 11 साल पहले हुई रामसेतु रक्षार्थ रैली से कई गुना व्यापक होगी। इस बार आयोजनकर्ताओं की योजना रामलीला मैदान और उसके आसपास के इलाके को भगवा रंग में रंगने की योजना है। यहां पहुंचने वाले रामभक्त ‘अयोध्या करती आह्वान, ठाठ से करो मंदिर निर्माण’ गीत गुनगुनाते हुए आयोजन स्थल तक पहुंचेंगे। रामलीला मैदान में ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। यहां 80x30 फुट आकार के विशाल मंच पर भगवा रंग की चादर बिछाई गई और जमीन पर हरे रंग की दरियां बिछाई गई हैं। पूरा रामलीला मैदान भगवा पताकाओं और लड़ियों से सजाया गया है। आयोजन स्थल के चौतरफा एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में 21 एलईडी लगाई जा रही हैं। रामलीला की ओर आने वाले रास्तों के किनारे जगह-जगह भगवान श्रीराम के विशाल चित्र लगाये गये हैं। रैली की तैयारियों में जुटे कार्यकर्ताओं को कहना है कि भगवान श्रीराम करोड़ों हिन्दुओं की आस्था के केंद्र हैं। हिन्दू अभी तक लोकतांत्रिक तरीके से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले को गैर महत्वपूर्ण बताकर ऐसे करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत किया है। यह रैली उसी के प्रतिकार स्वरूप आयोजित की जा रही है साथ ही केंद्र सरकार से इस मामले पर संसद में अध्यादेश लाने के लिए भी दबाव बनाया जायेगा। ऐसे में भीड़ के मामले में यह रैली 11 साल पहले हुई रामसेतु रक्षार्थ रैली से कई गुणा व्यापक होगी। विहिप केंद्र सरकार की सेतु समुद्रम परियोजना के विरोध में 2007 में भी ऐसी ही एक बड़ी रैली आयोजित कर चुका है। विहिप के आह्वान पर रामसेतु रक्षार्थ 2007 की रामलीला मैदान में आयोजित रैली में भी बड़ी संख्या में रामभक्त पहुंचे थे। रामलीला मैदान के बाहर भी लोग खड़े थे। उस समय भी यह रैली साल के अंत में दिसम्बर माह की 30 तारीख को आयोजित की गई थी। रैली के लिए बड़ी संख्या में दिल्ली और एनसीआर से पहुंचने वाले वाहनों के प्रबंधन का जिम्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को दिया गया है। उसके नीचे नगर स्तर के कार्यकर्ताओं को बसों को उचित पार्किंग स्थल तक पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया है। रैली में वाहनों के कारण यातायात जाम या फिर कार्यकर्ताओं को बसों की तलाश में भटकना न पड़े, इसके लिए दिल्ली को अलग-अलग विभागों में बांटकर प्रत्येक को अलग-अलग रंग और क्रमांक आवंटित किये हैं ताकि उस इलाके से आने वाले लोग बसों की पहचान आसानी से कर सकें। ऐसे ही उनके लिए स्थान भी पूर्व निर्धारित हैं। रामलीला मैदान को भगवा रंग में रंगने के लिए रैली में पहुंचने वाले रामभक्तों के लिए विशेष प्रकार की भगवा रंग की टी-शर्ट तैयार की गई हैं। इन पर राम मंदिर का प्रस्तावित चित्र बना हुआ है। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचेंगी। उन्हें भगवा रंग की पताका गले में डालने की सलाह दी गई है। इतना ही नहीं, रैली में जाने वाले लोगों को उस दिन काले और नीले रंग के वस्त्रों से बचने का आग्रह किया गया है। रैली में जाने वाले लोगों से भगवा रंग की टोपी, गमछा, टी-शर्ट और अन्य ऐसे ही रंग के कपड़े पहने की सलाह दी गई है। वैसे तो विहिप ने इस रैली में दिल्ली और एनसीआर से रामभक्तों के यहां पहुंचने की बात कही है लेेकिन देश के अन्य राज्यों से भी रामभक्त शनिवार को ही दिल्ली पहुंचना शुरू हो गये। ऐसे ही एक व्यक्ति जयसेना ने बताया कि वह ओडिशा से अकेला दिल्ली की रैली में शामिल होने के लिए निकला था लेकिन यहां जिस स्थान पर वह ठहरा है, वहां पता चला कि काफी लोग अन्य राज्यों के यहां पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह भगवान श्रीराम के जन्मस्थल से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए वह स्वत: स्फूर्त यहां पहुंचा है। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील/दधिबल
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