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बोगीबील पुल के निर्माण का श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक पार्टियों में होड़

By HindusthanSamachar | Publish Date: Dec 8 2018 8:01PM
बोगीबील पुल के निर्माण का श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक पार्टियों में होड़
गुवाहाटी, 08 दिसम्बर (हि.स.)। राज्य के डिब्रूगढ़ और धेमाजी जिले को जोड़ने वाले ब्रह्मपुत्र नद पर बने देश के सबसे लंबे रोड सह रेल ब्रिज के निर्माण का श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक पार्टियों में होड़ मच गई है। जहां कांग्रेस इसको लेकर अलग तर्क दे रही है, वहीं राज्य की मुख्य क्षेत्रीयतावादी पार्टी असम गण परिषद(अगप) के पूर्व सांसद बीरेंद्र प्रसाद वैश्य इसे अपनी उपलब्धि बताने में जुटे हैं। उधर, शनिवार को राज्य की सत्ताधारी पार्टी भाजपा के प्रवक्ता सुभाष दत्त ने बीरेंद्र प्रसाद बैश्य के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि बोगीबील पुल के निर्माण में अगर किसी का योगदान है तो वह राज्य के नगांव के सांसद व रेल राज्य मंत्री राजेन गोहाईं और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के इन दोनों नेताओं के प्रयासों से ही बोगीबील पुल के निर्माण का सपना साकार हुआ है। उन्होंने बीरेंद्र प्रसाद वैश्य के पुल के निर्माण में को सिरे से खारिज कर दिया। उल्लेखनीय है कि सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बोगीबील पुल का उद्घाटन 25 दिसम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं। इस पुल की परिकल्पना का मूल आधार 1985 में असम छात्र संस्था(आसू) के साथ हुए प्रसिद्ध असम समझौता है। इस पुल का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने 1997-98 में किया था। अनुमान के अनुसार, पांच वर्ष में पुल के निर्माण को पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उसके बाद केंद्र में भाजपा नेतृत्वाधीन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी ने वर्ष 2002 में पुल के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। मगर भाजपा सरकार के जाने के बाद पुल के निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी हो गई थी। जिसके चलते पांच वर्ष में बनने वाला पुल का निर्माण तब जाकर पूरा हुआ, जब केंद्र में पुनः भाजपा नेतृत्वाधीन नरेंद्र मोदी की सरकार का गठन हुआ। मोदी सरकार ने इस पुल को लेकर बेहद तत्परता दिखाई, जिसका नतीजा है कि यह पुल अंततः बनकर तैयार हो गया। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसम्बर को करने वाले हैं। इससे असम के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश को भी काफी लाभ होगा। बोगीबील पुल की कुल लम्बाई 4.94 किलोमीटर है, जिसमें 125 मीटर लंबे स्टील के कुल 41 पिलरों का इस्तेमाल किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/अरविंद/प्रभात/आकाश
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