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डेढ़ साल से बंद ट्रेनों का कागज पर जारी है परिचालन

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 11 2018 8:56AM
डेढ़ साल से बंद ट्रेनों का कागज पर जारी है परिचालन
बेगूसराय, 11नवम्बर(हि.स.) । यात्रियों की सेवा मुस्कान के साथ डिजिटली करने के लिए वचनबद्ध रेलवे बरौनी-कटिहार रेलखंड के बेगूसराय स्टेशन पर यात्रियों को मूर्ख बना रही है। डेढ़ साल से बंद एक्सप्रेस ट्रेनों का कागज पर परिचालन जारी है। हालांकि उसके आने-जाने का समय निर्धारित नहीं है। मामला सहरसा-बरौनी एक्सप्रेस तथा न्यू जलपाईगुड़ी-रांची एक्सप्रेस का है। सहरसा में वाशिंग पीट नहीं रहने के कारण सहरसा-अमृतसर के बीच चलने वाली जनसेवा एक्सप्रेस के सहरसा आने बाद उसे सहरसा-बरौनी एक्सप्रेस बनाकर में बरौनी भेजा जाता था। बरौनी से यह ट्रेन सुबह में वापस जाती थी। सभी छोटे, बड़े स्टेशनों पर रुकती हुई जाने वाली यह 15275/15276 ट्रेन से लोगों को काफी राहत थी। मां कात्यायनी स्थान जाने वाले सैकड़ों पशुपालक ससमय में जाकर पूजा-अर्चना कर वापस हो जाते थे। सहरसा में आई बाढ़ और उसके बाद वाशिंग पिट बन जाने के बाद बगैर अन्य ट्रेन चलाएं इसे करीब डेढ़ साल पूर्व बंद कर दिया गया। लेकिन 15 अगस्त 2018 से लागू तथा बेगूसराय स्टेशन पर लगे टाइम टेबल के अप एवं डाउन दोनों लिस्ट में इसका नाम अंकित है। लेकिन समय नहीं लिखा है। कभी-कभार ही पूछताछ काउंटर पर बैठने वाले स्टाफ भी इसका जवाब यात्रियों को नहीं दे पाते हैं। इसी तरह धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन के बाधित हो जाने से न्यू जलपाईगुड़ी से रांची के बीच चलने वाली 15723/15724 साप्ताहिक एक्सप्रेस को डेढ़ साल पहले (जून 2017 के आसपास) बंद कर दिया गया। लेकिन समय सारणी में बिना समय के यह ट्रेन चल रही है। इन ट्रेनों के बंद होने के संबंध में स्टेशन मास्टर भी कुछ जवाब नहीं दे सके, उनका कहना हुआ कि मंत्रालय या फिर उपर के बड़े अधिकारी ही कुछ बता सकते हैं। वहीं, रेल सूत्रों का कहना है कि विभागीय स्तर पर साजिश के तहत इस रेलखंड पर यात्री सुविधा की अनदेखी तथा मनमानी की जा रही है। वाहन माफिया के साथ सांठगांठ कर कई ट्रेनों के साथ छेड़छाड़ किया जा रहा है। टाइम टेबल सुधार करने की जिम्मेदारी भले ही निजी कंपनी की है। लेकिन देखरेख तो विभाग को ही करना है। दैनिक यात्री मुकेश विक्रम, राघव महतों आदि का कहना है कि समय सारणी तो बस गड़बड़ी का नमूना है। गुप्त रूप से, बगैर किसी पूर्व सूचना और तामझाम के वरीय अधिकारी जांच करें तो, बेगूसराय स्टेशन पर यात्री के साथ किए जा रहे मजाक के बड़े साजिश और लूट का पर्दाफाश हो सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र/पी.के.
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