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विधायक के पत्र का जवाब डेढ़ माह बाद देते हैं सिविल सर्जन

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 10 2018 10:55PM
विधायक के पत्र का जवाब डेढ़ माह बाद देते हैं सिविल सर्जन
छपरा, 10 नवम्बर (हि.स.)। विधायक के पत्र का जवाब डेढ़ माह बाद सिविल सर्जन देते हैं । यह कैसी कार्य संस्कृति है । उक्त बातें छपरा के विधायक डॉ चतुर्भुज नाथ गुप्ता ने सदर अस्पताल में आयोजित चिकित्सकों की बैठक में शनिवार को कही। उन्होंने सभी चिकित्सकों की मौजूदगी में सिविल सर्जन को भेजे गये अपने पत्र और उनके जवाबी पत्र को दिखाया । फिर पूछा कि क्या डेढ़ माह में पत्र का जवाब देना उचित है । विधायक ने सिविल सर्जन की खिंचाई की और कहा कि कार्य संसकृति में सुधार करें । यह शोभनीय नहीं है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा । उन्होंने सदर अस्पताल के आईसीयू तीन माह से बंद रहने के मामले में भी सिविल सर्जन को फटकार लगायी और कहा कि चिकित्सक की वैकल्पिक व्यवस्था करें । उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में इएनटी के चिकित्सक नहीं है । इसकी व्यवस्था करना सिविल सर्जन की जिम्मेदारी है । उन्होंने बताया कि हड्डी रोग और सर्जरी विभाग सप्ताह में तीन तीन दिन ही क्यों चलता है । उन्होंने कहा कि दोनों विभागों को सभी दिन चालू करें । उन्होंने कहा कि इएनटी और नेत्र रोग विभाग, चर्म रोग विभाग को सभी दिन चालू करें । इसके लिए प्रखंड से चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति करें । विधायक ने कहा कि सभी पदाधिकारियों व कर्मचारियों का नाम, मोबाइल नंबर के साथ उनके कार्य की जिम्मेदारी का बोर्ड सभी कार्यालयों में लगायें । उन्होंने कहा कि सरकार मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है और जो भी संसाधन उपलब्ध है, उसका सदुपयोग करने की जिम्मेदारी चिकित्सकों की है । उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा को बेहतर बनाने के लिए जो भी आवश्यक है, इसके लिए सिविल सर्जन विभाग को पत्र लिखें । इस मामले में विधायक ने भी खुद स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर पहल करने का भरोसा दिलाया । उन्होंने चिकित्सकों से अनुरोध किया कि मरीजों को अनावश्यक व महंगी दवा नहीं लिखें । अस्पताल में गरीब मरीज आते हैं और उनका आर्थिक शोषण करना घोर अमानवीय कृत्य है । उन्होंने अस्पताल में वाहनों की पार्किग की व्यवस्था करने और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया । अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा बंद रहने के मामले में भी उन्होंने सिविल सर्जन से जानकारी हासिल किया । उन्होंने कहा कि पैथोलाॅजी की व्यवस्था ठीक नहीं है और कल्चर जांच व हेपेटाइटिस बी की जांच के लिए मरीजों को बाहर भेजने की शिकायत मिल रही है । इन शिकायतों को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया । विधायक ने कई महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिया और कहा कि चिकित्सा सेवा को बेहतर बनाने के लिए सभी चिकित्सक अपने कर्तव्यों व दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी के साथ करें । बैठक में आरएडी डा ए के गुप्ता, सिविल सर्जन डा ललित मोहन प्रसाद, उपाधीक्षक डा शंभूनाथ सिंह, डा एमपी सिंह, डा नीला सिंह, डा रविशंकर प्रसाद सिंह, डा एच एन प्रसाद, डा किरण ओझा, डा एसडी सिंह, डा शैलेन्द्र कुमार सिंह, डा चंदेश्वर सिंह, दीपक कुमार , अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद, लेखा प्रबंधक बंटी कुमार रजक आदि मौजूद थे । हिन्दुस्थान समाचार / गुड्डू/अरुण
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