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महत्वाकांक्षी गुरु जगतगुरु, श्री श्री श्री 108 पदवी ले शिष्यों में बन रहे भगवान

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 10 2018 8:49PM
महत्वाकांक्षी गुरु जगतगुरु, श्री श्री श्री 108 पदवी ले शिष्यों में बन रहे भगवान
वाराणसी, 10 नवम्बर (हि.स.)। धर्म नगरी काशी में धर्म के नाम पर फैले आडम्बर ढोंग पाखंड से बचाने के लिए शनिवार को सन्त कमल ने ज्ञान की दरिया बहाई। सन्त ज्ञानेश्वर स्वामी सदानन्द जी परमहंस द्वारा स्थापित सदानन्द तत्वज्ञान परिषद रोहनिया और मोक्षदाता धाम आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग के दूसरे दिन स्वामी कमल ने कहा कि भगवान एक था, एक है, एक ही रहने वाला परम सत्ता शक्ति है। जो दो भी नहीं होता, परन्तु आज हर महत्वाकांक्षी गुरु लोग सद्गुरु, जगतगुरु, श्री श्री श्री 108 श्री अनंत श्री आदि आदि पदवी ले लेकर अपने शिष्यों में भगवान बन रहे हैं। ये गुरू भक्तों के धन और धर्म भाव का शोषण कर रहे हैं। स्वामी कमल ने कहा कि ये गुरु जी लोग शरीर में रहने वाले चेतन जीव को भी नहीं जानते और न परमात्मा को ही जानते हैं। आत्मा को ही जीव और आत्मा को ही परमात्मा घोषित करने कराने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु-राम-कृष्ण ने जिस ‘तत्त्वज्ञान’ को अपने समर्पित-शरणागत भक्त-सेवकों को देकर परमेश्वर के जिस विराटरूप का साक्षात् दर्शन कराया था। आज सन्त ज्ञानेश्वर अपने भक्त-सेवकों को उसी तत्वज्ञान को ही देकर जीव-आत्मा-परमात्मा का पृथक-पृथक आमने-सामने बातचीत साथ साक्षात दर्शन कराया है। उन्होंने कहा कि इस संस्था का एकमात्र उद्देश्य धर्म-धर्मात्मा-धरती की रक्षा ही हैं। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/संजय
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