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13 दिन बाद भी नहीं सुलझी प्रोफेसर हत्याकांड की गुत्थी,व्यवसायिक संगठनों ने दिया 7 दिनों का अल्टीमेटम

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 10 2018 8:25PM
13 दिन बाद भी नहीं सुलझी प्रोफेसर हत्याकांड की गुत्थी,व्यवसायिक संगठनों ने दिया 7 दिनों का अल्टीमेटम
बिहारशरीफ, 10 नवम्बर (हि.स.) : नालंदा के बहुचर्चित प्रोफेसर अरविंद कुमार हत्याकांड की गुत्थी घटना के ग्यारह दिन बीत जाने के बाद भी नालंदा पुलिस सुलझा नहीं सकी है. ऐसे में यहां के सैकड़ों व्यवसायियों में भारी आक्रोश है. कई व्यवसायी संगठनों ने जिला व पुलिस प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है. अल्टीमेटम के बाद मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है. बता दें कि इसी सिलसिले में शहर के कई व्यवसायी संगठनों ने शुक्रवार को सोहसराय में श्रद्वांजलि सभा की थी. इसमें वक्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि पुलिस प्रशासन अबतक न तो हत्यारों को पकड़ सकी है और न ही हत्या के कारणों का खुलासा कर सकी है. गिरफ्तार सोनू से चल रही है पूछताछ : इधर, एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने कहा कि प्रोफेसर अरविंद कुमार के हत्याकांड की जांच के लिए पहले ही एसआइटी टीम गठित कर दी गयी है. टीम को कुछ सफलता भी हाथ लगी है. अनुसंधान के क्रम में संदिग्ध सोनू साह नामक एक व्यक्ति पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है. गिरफ्तार सोनू से हत्याकांड में संलिप्त अन्य बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. जल्द ही प्रोफेसर हत्याकांड के कारणों एवं इसमें संलिप्त रहे बदमाशों का खुलासा कर दिया जायेगा. बीते 28 अक्टूबर को प्रोफेसर की हुई थी हत्या : बता दें कि रोजाना की तरह बीते 28 अक्टूबर को प्रोफेसर अरविंद कुमार अपने जलालपुर स्थित घर से मॉर्निंग वॉक पर भागन बिगहा की ओर निकले थे. इसी दौरान पूर्व से घात लगाये बदमाशों ने बबुरबन्ना में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी. तत्पश्चात, पटना से डीआइजी राजेश कुमार यहां पहुंचे और घटनास्थल के आसपास लोगों से पूछताछ की. मृतक प्रोफेसर के परिजनों से भी बातचीत की थी. पटना से स्वान एवं फोरेंसिक टीम भी यहां पहुंची थी. फोरेंसिक टीम ने कई सैंपल भी एकत्रित कर उसे जांच के लिए पटना भेजा था. बावजूद हत्या की गुत्थी अबतक नहीं सुलझ सकी है. समता पार्टी से ही सीएम नीतीश के करीबी थे प्रो. अरविंद : बता दें कि समता पार्टी के स्थापना काल से ही वह सीएम नीतीश कुमार के करीबी भी रहे थे. प्रोफेसर अरविंद शहर के एक प्रमुख व्यवसायी भी थे. शिक्षा के साथ उनका गहरा लगाव भी रहा था. इसलिए वह स्थानीय पहड़पुरा स्थित पीएमएस कॉलेज में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर भी थे. कई वर्षों तक उन्होंने खादी कपड़ों की थोक व खुदरा दुकान भी संचालित किया था. इसी वजह से प्रोफेसर अरविंद की व्यवसायियों, राजनीतिक दलों, शिक्षा प्रेमियों समेत बुद्विजीवियों के बीच एक अलग पैठ बनी थी. हिन्दुस्थान समाचार / निरंजन/अरुण
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