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बिहार के देव छठ मेले में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 10 2018 7:53PM
बिहार के देव छठ मेले में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद
औरंगाबाद, 10 नवम्बर (हि.स.). बिहार का औरंगाबाद जिला प्रशासन विश्व प्रसिद्ध देव छठ मेले में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद कर रहा है और प्रशासनिक तैयारियां भी इसी पैमाने पर की जा रही हैं. देव में छठ पूजा के दौरान 3000 से अधिक सरकारी कर्मचारी और अधिकारी तैनात रहेंगे. यह पूजा रविवार से नहाए खाए के साथ शुरू हो रही है. इस संबंध में जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल ने शनिवार को यहां बताया कि पूरे देव मेला क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटा गया है जिसके प्रभार में जिले के वरीय प्रशासनिक अधिकारी होंगे. पुलिस और प्रशासन की ओर से संयुक्त रूप से 3000 से अधिक कर्मियों और अधिकारियों को देव में तैनात किया गया है. यहां 1500 सिपाही के साथ साथ बड़ी संख्या में महिला कांस्टेबल भी तैनात की जा रही है. सभी सेक्टरों में विशेष कंट्रोल रूम बनाए जा रहे हैं जो बहुआरा मोड, देव थाना, देव किला, सूर्य कुंड के पास स्थित होंगे. बड़ी संख्या में वाहनों के आने की उम्मीद को देखते हुए देव के चारों तरफ पांच बड़े पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं. यह स्थल हैं - महाराणा प्रताप कॉलेज परिसर, राजा जगन्नाथ स्कूल परिसर, भवानीपुर पैक्स परिसर, हरिकीर्तन बीघा के पास और देव सिंचाई कॉलोनी परिसर. विभिन्न रूटों से आने वाली गाड़ियां यही खड़ी होंगी और इसके आगे मेला क्षेत्र में किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी. देव मेला क्षेत्र के लिए एक विशेष रूट चार्ट बनाया गया है जिसकी सबसे खास बात यह है देव सूर्य कुंड से अर्घ्य देने के बाद कोई श्रद्धालु किसी भी स्थिति में देव मुख्य बाजार होकर सूर्य मंदिर तक नहीं जा सकेगा. पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी और 36 महत्वपूर्ण स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. पूरे मेला क्षेत्र में 37 ड्रॉप गेट बनाए गए हैं ताकि भीड़ को किसी भी स्थिति में नियंत्रित किया जा सके. देव में मेले के दौरान 11 मेडिकल कैंप भी कार्य रहेंगे और अलग-अलग स्थानों पर तमाम सुविधाओं के साथ 9 एंबुलेंस 24 घंटे तैनात रहेगी. देव के चुनिंदा स्थानों पर फायर ब्रिगेड की टीम भी तैनात रहेगी. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विशेष मोटर बोट के साथ गोताखोरों की टीम भी सूर्य कुंड में 24 घंटे तैनात रहेगी. दरअसल देव में श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र 8 वीं शताब्दी में बना नागर स्थापित शैली का सूर्य मंदिर है जो सदियों से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है. सूर्य पूजा इस संपूर्ण इलाके में एक विशेष परंपरा रही है और यह सूर्य मंदिर इस परंपरा का प्रतिनिधित्व करता रहा है 1 \ हिन्दुस्थान समाचार / प्रेमेन्द्र / रजनी /अरुण
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