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जनहित का शाब्दिक आशय आमजन के सुरक्षा व समृद्धि में निहित होता है : जितेन्द्र नारायण

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 13 2018 8:51PM
जनहित का शाब्दिक आशय आमजन के सुरक्षा व समृद्धि में निहित होता है : जितेन्द्र नारायण
दरभंगा 13 अक्टूबर (हि.स.)। लब्धप्रतिष्ठित शिक्षाविद डॉ0 जितेन्द्र नारायण ने कहा कि जनहित का शाब्दिक आशय आमजन के सुरक्षा व समृद्धि में निहित होता है। लिहाजा पत्रकारिता जब राष्ट्रीय हित एवं समृद्धि को ध्यान में रखकर की जायेगी, तभी राष्ट्रीय हित और जनहित की समृद्धि संभव हो सकती है। शनिवार को तिरहुतवाणी परिवार के तत्वावधान में ख्यातिलब्ध पत्रकार स्व राम गोविन्द प्रसाद गुप्ता की 83वीं जयंती के अवसर पर ‘‘राष्ट्रहित-जनहित और पत्रकारिता’’ विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते उन्होंने उपरोक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि दुनिया का इतिहास और राजनीतिक दर्शन इस बात का गबाह है कि राज्य की संस्था मानव जाति के लिए अपरिहार्य रही है। उन्होंने कहा कि भारत की पत्रकारिता का इतिहास इस बात का गबाह रहा है कि कुछ अपवादों व अवसरों को छोड़कर वे अपने दायित्वों का गंभीरता से अनुपालन करती है। इससे राष्ट्र की सुरक्षा एवं समृद्धि को आघात पहुँचाने की इजाजत दुनियाँ का कोई राष्ट्र नहीं दे सकता और न देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे में पत्रकारिता के उपर एक गंभीर दायित्व बनता है कि राष्ट्रहित को क्षति पहुँचाने वाले विषयों पर अत्याधिक सावधानी बरती जाए। शिक्षाविद सह सी. एम. कालेज के प्रधानाचार्य डॉ मुश्ताक अहमद ने कहा कि आज राष्ट्रहित के प्रति सबसे ज्यादा लघु पत्रकारिता से जुड़े पत्रकार सचेत हैं। क्योंकि उनपर कोई व्यवसायिक दवाब नहीं होता है। वे स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य राष्ट्रहित और जनहित में कार्य करना है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसी मिशाले मिलती रही हैं कि गाँव और कसबे में काम करने वाले पत्रकारों ने जनसमस्या को राष्ट्रीय फलक पर पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है। इसलिए बड़े-बड़े अखबारों ने भी अब क्षेत्रीय स्तर पर अपना प्रकाशन शुरू किया है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधान पार्षद सह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि अखबार जनभावना का प्रतीक होता है। लिहाजा अखबारों में जनता से जुड़े हुए मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके लिए पत्रकारों को सदैव सचेष्ट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्व0 गुप्ता इसी सच्चाई को लेकर जीवन भर संघर्षरत रहे, जिसका अनुसरण आज की पीढ़ी को करना चाहिए और यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हिन्दुस्थान समाचार/मनोज/अरुण
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