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भोगे हुए यर्थाथ की कहानियां है सेमल फूल

By HindusthanSamachar | Publish Date: Sep 16 2018 8:55PM
भोगे हुए यर्थाथ की कहानियां है सेमल फूल
जयपुर 16 सितम्बर(हि.स.)। पिंकसिटी प्रेस क्लब में रविवार पत्रकार, लेखक महेश शर्मा की प्रकाशित कहानी संग्रह समेल-फूल के लोकार्पण में बोलते हुए वरिष्ठ आलोचक डॉ दुर्गा प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि इस संग्रह की सभी कहानियां लेखक ने अपने जीवन अनुभव और अपने आस-पास घटित घटनाओं से प्रेरित होकर लिखी है। लेखक की ये कहानियां सहित्य की किसी एक विद्यालय में रहकर नही रची गई है, बल्कि यह कहानियां परम्परागत कथा विद्या को लांघते हुए अन्य विद्याओं में हस्तक्षेप करती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार डा. सत्यनारायण बोले कि बदलते हुए समाज जीवनमूल्य और समय को इस संग्रह की कहानियों में देखा जा सकता है। इन कहानियों में गहरी मानवीय संवेदनाएं है,चूंकि लेखक व्यंगकार भी है। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्याम आचार्य ने कहा कि लेखक ने बिना संवेदनाओं के अतिरेक को बड़ी सहजता से कहानियों को रचा है। इनके पात्र लेखक के जीवन के हिस्से रहे है। उन्होनें कहा कि लेखक ने अपनी कहानियों में देशज लोकोक्तियां एवं मुहावरों का प्रयोग करते हुए घटनाओं का मर्मस्पर्षी वर्णन किया है। लेखक महेष शर्मा ने अपनी कथा प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें बचपन से ही घर परिवार के बड़े बुजुर्गो एवं समाज में उस दौर में प्रचलित लोक परम्पराओं से कहानी लिखनें की प्रेरणा मिली। सेमल फूल को परिभाषित करते हुए उन्होनें कहा कि जैसे सेमल में पत्ते झड़ जाने पर फूल आते है और फल में से रूई निकलती है। वैसे ही हमारा जीवन है जिसमें कांटे भी है, फूल भी है और रूई सा नरम अहसाह भी है। इर्द-गिर्द घटनाओं को कहानियों का विषय बनाया है। पिंकसिटी प्रेस क्लब महासचिव मुकेश चौधरी ने अन्त में धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन ईश्वरदत्त माथुर ने किया। हिन्दुस्थान समाचार/ प्रशांत / ईश्वर
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