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एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सडक़ों पर उतरे हजारों लोग

By HindusthanSamachar | Publish Date: Sep 16 2018 8:30PM
एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सडक़ों पर उतरे हजारों लोग
गुना 16 सितंबर (हि.स.)। एक देश में दो कानून, नहीं चलेंगे, नहीं चलेंगे, काला कानून वापस लो, वापस लो, भारत देश सबका, नहीं किसी भी एक का, देश को जाति, धर्म में बांटना, बंद करो, बंद करो। यह वह नारे है जिन पर रविवार को सर्व समाज की रैली के दौरान आवाज बुलंद की गई। मौका था एससीएसटी एक्ट को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान निकाली गई रैली का। जिसमें रविवार को हिस्सा लेकर सर्व समाज के हजारों लोग सडक़ों पर उतरे। रैली प्रताप छात्रावास से शुरु होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई कलेक्ट्रेट पहुँची। जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौपा गया। गौरतलब है कि एसएसटी एक्ट को लेकर जिले में आक्रोष बढ़ता जा रहा है। सर्व समाज ने इसको लेकर चरणबद्ध आंदोलन छेड़ रखा है। जिसके पहले चरण में भारत बंद के दौरान जहां ऐतिहासिक बंद कराया गया था तो इसके बाद 14 सितंबर से हनुमान चौराहे पर धरना चल रहा है, वहीं रविवार को विशाल रैली निकाली गई। प्रताप छात्रावास में एकत्रीकरण के बाद निकली रैली रैली को लेकर प्रताप छात्रावास में एकत्रीकरण किया गया। रैली का समय सुबह 10.30 का था, जबकि यहां से रैली करीब डेढ़ घंटे देरी से करीब दोपहर 12 बजे शुरु हुई। इस समय तक छात्रावास में सर्व समाज के लोगों का अच्छा-खासा जमावड़ा हो चुका था। एससीएससी एक्ट के विरोध वाले बैनर और काला कानून वापस लो के नारे के साथ प्रताप छात्रावास से रैली शुरु होकर जगदीश कॉलोनी, हाट रोड, नीचला बाजार, सदर बाजार, सुगन चौराहा, लक्ष्मीगंज, गुरुद्वारा मार्ग, पुराना बस स्टैण्ड, जयस्तम्भ चौराहा, प्रमुख मार्ग, हनुमान चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुँची। जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौपा गया। सर्व समाज का गला घोंटने वाला है एक्ट रैली के दौरान सर्व समाज के लोगों ने कहा कि एक्ट सर्व समाज का गला घोंटने वाला है। इस एक्ट के लागू होने से सर्व समाज का जीना मुहाल हो जाएगा और वह घुट-घुटकर मर जाएगा। एक्ट का किस हद तक दुरुपयोग हो सकता है, इसको लेकर कर्नल चौहान से जुड़े मामले का जिक्र किया गया। सर्व समाज ने कहा कि आजादी के बाद का यह सबसे बड़ा काला कानून है, जिस पर न केवल सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष सहित तमाम राजनीतिक दलों एवं उनके नेताओं द्वारा न सिर्फ चुप्पी साधना बल्कि उसका समर्थन करना दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्ग संघर्ष को दिया जा रहा है बढ़ावा प्रशासन को सौपे ज्ञापन में सर्व समाज ने उल्लेखित किया है कि भारत देश का इतिहास गौरवशाली है, किन्तु आजादी के बाद से विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने-अपने लाभ के लिए काले कानून बनाकर वैमनस्यता की स्थिति पैदा की है, साथ ही इससे वर्ग संघर्ष को बढ़ावा दिया जा रहा है। ज्ञापन में एससीएसटी एक्ट को काला कानून निर्मित करते हुए इसके सर्वाधिक दुरुपयोग और विधेयक लाते ही इसके दुष्परिणाम सामने आने की ओर ध्यान आकर्षित किया गया। इसी क्रम में ज्ञापन में एक्ट के विरोध पर संत देवकीनंदन ठाकुर की गिरफ्तार पर कड़ा आक्रोष व्यक्त करते हुए इसे संतों का दमन निरुपित किया गया है। ज्ञापन में एक्ट को लेकर उच्चतम न्यायालय के आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की गई है। रैली के दौरान जबर्रदस्त देखने मिला आक्रोष सर्व समाज की रैली के दौरान जबर्रदस्त आक्रोष देखने को मिला। रैली में शामिल कई युवा अर्धनग्न शामिल हुए तो अनेक काला झंडा लहराते हुए चल रहे थे। इसके साथ ही एक्ट के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की जा रही थी। रैली प्रताप छात्रावास से शुरु हुई, साथ ही इसमें जगह-जगह लोग जुड़ते चले गए। प्रशासन के दरवाजे पहुंचने तक रैली विशाल रुप ले चुकी थी। चप्पे-चप्पे पर रही निगाहें रैली के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। इस दौरान चप्पे-चप्पे पर निगाहें रहीं। प्रताप छात्रावास में जहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था तो रैली के दौरान भी बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद रही। इसके साथ ही बज्र वाहन भी तैयार कर रखा। इसी क्रम में पुलिस की मोबाइल वैन भी घूमती रही। पुलिस, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय देखने को मिले। गिरफ्तारी जैसी स्थिति बनने पर बसें भी खड़ी कराई गईं थीं। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक/राजू
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