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तीन दिवसीय लक्खा रथयात्रा मेला शुरू

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 14 2018 12:24PM
तीन दिवसीय लक्खा रथयात्रा मेला शुरू
भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब वाराणसी,14 जुलाई (हि.स.)। काशी के लक्खा मेले में शुमार तीन दिवसीय रथयात्रा मेले का आगाज शनिवार तड़के हो गया। ब्रह्म मुहूर्त में तड़के 3 बजे पीतांबर वस्त्र में रथ पर आरूढ़ भगवान जगन्नाथ भाई बलराम व बहन सुभद्रा की मंगला आरती पं. श्रीराम शर्मा की देखरेख में की गयी। भगवान को भोग में मिठाइयां, फल, दूध, मलाई, मक्खन व मिश्री चढ़ायी गयी। इसके साथ ही चना, मूंग, मटर का भी भोग लगा। इसके बाद सुबह 5.11 बजे रथ पर आसीन प्रभु के सामने से परदा हटा और भक्तों ने हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच पीताम्बरधारी भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा के हाजिरी लगानी शुरू कर दी। रथ के पहियें का स्पर्श कर सैकड़ों भक्त मनौती भी मानते रहे। इसके बाद सुबह 8 बजे केसरिया पेड़ा का भोग लगाने के बाद प्रसाद श्रद्धालुओं में बांटा गया। इस दौरान देर रात तक हर घंटे प्रभु को तरह-तरह के मिष्ठान, पेय पदार्थों का भोग भी लगता रहा। पंडि‍त श्रीराम शर्मा ने बताया कि मान्यता है कि रथ पर सवार भगवान के दर्शन और रथ के पहिये को घुमा कर जो भी मनौती माना जाए वह पूरा हो जाता है। कहा जाता है कि आज के दिन भगवान जगन्नाथ का दर्शन-पूजन करने से सवा लाख यज्ञ के पुण्य के बराबर फल मिलता है। बताया कि भगवान जगन्‍नाथ को पहले दिन पीले रंग की चीजें चढ़ाई जाती हैं। दर्शन पूजन के दौरान पूर्वान्ह 11.30 बजे भोग आरती के बाद पट बंद कर दिया गया। अपरान्ह 3 बजे पुन: पट खुला और वहां दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ती गयी। रात 8 बजे सप्तर्षि आरती होगी। रात्रि 12 बजे शयन आरती के साथ प्रभु के दरबार का पट बंद कर दिया जायेगा। रथयात्रा स्थित मेला क्षेत्र के लगभग एक किलोमीटर के दायरे में नानखटाई चाट की दुकानें सजी हुयी हैं। साथ ही खिलौनों, चाट के स्टालों के अलावा झूले व चर्खियों पर बच्चों व महिलाओं की भीड़ आनन्द लेती रही। मेले में विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से शिविर लगाया गया है। साथ ही इस रूट पर यातायात भी प्रतिबंधित हैं। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/संजय
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