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महिला सशक्तिकरण की खुली पोल, कागजों में चल रही योजनाएं

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 14 2018 12:21PM
महिला सशक्तिकरण की खुली पोल, कागजों में चल रही योजनाएं
मण्डला, 14 जुलाई (हि.स.)। जिला महिला सशक्तिकरण कार्यालय कागजों में संचालित किया जा रहा है। शासन का महत्वपूर्ण विभाग होने के बाद भी इस विभाग की कार्यप्रणाली चर्चाओं में है। लंबे समय से पदस्थ अधिकारी प्रशांत ठाकुर के स्थानांतरण की मांग की जा रही है। समाज सेवियों का कहना है कि जिस कार्यालय में महिला अधिकारी होनी चाहिए, वहां सरकार ने पुरूष अधिकारी को बैठा रखा है| इसकी वजह से महिलाएं खुलकर अपनी पीड़ा अधिकारी के सामने नहीं बता पा रही हैं। हाल ही की एक घटना ने सशक्तिकरण कार्यालय की पोल खोलकर रख दी है। जानकारी के मुताबिक, जिला चिकित्सालय में एक महिला का शव बीते पांच दिनों से शीत केन्द्र में रखा रहा, जिसकी जानकारी शुक्रवार को सोशल मीडिया में वायरल हुई, तो नगरपालिका कर्मियों ने देर शाम आनन-फानन में शव को दफनाया। इस घटना ने महिला सशक्तिकरण की तमाम योजनाओं पर सीधा प्रहार किया है। लंबे समय से महिला सशक्तिकरण कार्यालय में पदस्थ अधिकारी प्रशांत ठाकुर की कार्यप्रणाली चर्चाओं में है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, सुरक्षा प्रदान करना जैसे तमाम बिन्दुओं पर महिला सशक्तिकरण का सीधा काम है। उनके हिस्से की बनी योजनाओं का क्रियान्वयन जिम्मेदार कैसे कर रहे हैं? इसके अनेक उदाहरण सामने आते रहते हैं। सरकार का इस कार्यालय की स्थापना करने का मुख्य उद्देश्य ऐसी विपत्तिग्रस्त महिलाएं जिनके परिवार में कोई न हो, बलात्कार से पीडि़त महिला एवं बालिका, दुर्व्यवहार से बचाई गईं महिलाएं, एसिड विकिटम/दहेज प्रताडि़त/अग्रि पीडि़त, कुंवारी माताएं या सामाजिक कुप्रथा की शिकार, पत्यिकता, तलाकशुदा जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करती हैं, उन्हें प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर प्रदान करना है। नियम के अनुसार प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षण शुल्क, आवासीय व्यवस्था, भोजन, शिष्यावृत्ति शामिल रहेगी। महिलाओं का चयन जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा किया जाएगा। सरकार की मंशा है कि महिलाएं अन्य महत्वपूर्ण कोर्स भी यहां से कर सकती हैं लेकिन इन मापदंडों को दरकिनार किया जा रहा है। महिलाओं के हित में बनी योजनाओं की जानकारी नहीं दी जा रही है। इनका कहना- आवेदन करने के बाद सूची में नाम होने के बाद भी सूचना नहीं दी गई। महिला सशक्तिकरण कार्यालय से कोई भी जानकारी नहीं मिल पाती है। अधिकारी मनमर्जी से कार्यालय का संचालन कर रहे हैं। समाजसेवियों को भयभीत किया जाता है। पुष्पा ज्योतिषी, समाजसेवी, मण्डला बीते पांच दिनों तक महिला की लाश जिला चिकित्सालय में पड़ी रही और महिला सशक्तिकरण अधिकारी चैन की नींद सो रहे थे| महिलाओं की योजनाएं कागजों में चलाई जा रही हैं। शीघ्र ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। विवेक सिंह, लोकसभा प्रभारी, आम आदमी पार्टी, मण्डला हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश/राधा रमण
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