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हादसे रोकने के लिए प्रोटेक्शन वॉल बनाने का काम शुरू

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 14 2018 11:39AM
हादसे रोकने के लिए प्रोटेक्शन वॉल बनाने का काम शुरू
झुंझुनूं,14 जुलाई (हि.स.)। ट्रांसफार्मरों से आए दिन होने वाले हादसे रोकने के लिए बिजली निगम ने प्रोटेक्शन वॉल बनाने का काम शुरू कर दिया है। अधिकांश हादसों का कारण बेसहारा घूमने वाले पशु बनते हैं। कभी-कभार बच्चे भी खेलते हुए गलियों व सार्वजनिक चौक में लगे ट्रांसफार्मर की तरफ चले जाते हैं। प्रोटेक्शन वॉल पशुओं व बच्चों को ट्रांसफार्मर के निकट जाने से बचाएगी। खास बात यह है कि प्रोटेक्शन वॉल बनाने का काम अजमेर विद्युत वितरण कम्पनी ने नहीं शहरों के भामाशाहों ने शुरू किया है। विभिन्न शहरों में छोटे-बड़े करीब 625 ट्रांसफार्मर संवेदनशील जगहों पर रखे हुए हैं। इनमें से सवा तीन सौ ट्रांसफार्मर को 31 मार्च 2019 तक कवर करने का लक्ष्य है। भामाशाहों ने अभी तक 53 ट्रांसफार्मर को कवर कर लिया है और 27 पर काम चल रहा है। पिछले साल दिसम्बर में झुंझुनूं के अधीक्षण अभियन्ता दफ्तर में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनने के दौरान खुले पड़े ट्रांसफार्मरों से होने वाले हादसों का मुद्दा उठा तो अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक बीएम भामू ने ट्रांसफार्मरों पर प्रोटेक्शन वॉल बनाने की बात कही थी। उन्होंने अपील की थी कि ट्रांसफार्मर सब स्टेशन/डीपी के नीचे/निकट शामियाने लगा कर कोई कार्यक्रम नहीं करें। बिजली लाइनों के नीचे या डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर के निकट थड़ियां, ठेले नहीं लगाएं। विशेष रूप से बच्चों और पशुओं को सुरक्षित दूरी पर रखें। इसके बाद कुछ भामाशाहों ने मिल कर इन ट्रांसफार्मर को सीमेंट की पट्टियों से प्रोटेक्शन वॉल बनाने का काम हाथ में लिया। ये प्रोटेक्शन वॉल फोल्डिंग आधार पर लगाई जा रही है। ऐसी एक वॉल पर 15 हजार से 21 हजार का खर्च आ रहा है जो ये भामाशाह ही वहन कर रहे हैं। इसके लिए अन्य भामाशाहों को तैयार किया जा रहा है। बारिश के मौसम में खुले ट्रांसफार्मरों से हादसों का खतरा रहता है, इसलिए ये काम हाथ में लिया गया है। एमडी भामू ने बताया कि अजमेर डिस्कॉम का एरिया बुहाना से बांसवाड़ा तक है। इस पूरे क्षेत्र में भामाशाहों के सहयोग से आबादी वाले इलाकों में लगे ट्रांसफार्मरों के चारों ओर प्रोटेक्शन वॉल खड़ी की जा रही है। इससे ट्रांसफार्मर तथा आमजन व बेसहारा घूमने वाले जानवरों को करंट से बचाया जा सकेगा। झुंझुनूं जिले के बुहाना से बांसवाड़ा तक ऐसे 10 हजार ट्रांसफार्मर चिन्हित किए गए हैं। जिले में चालू वित्तीय वर्ष में 1500 ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित करने का लक्ष्य है। हिन्दुस्थान समाचार/रमेश/सुप्रभा/राधा रमण
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