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पचनद के सुंदरीकरण का खाका तैयार, स्थापित होगी गोस्वामी तुलसीदास की भव्य प्रतिमा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 13 2018 11:17PM
पचनद के सुंदरीकरण का खाका तैयार, स्थापित होगी गोस्वामी तुलसीदास की भव्य प्रतिमा
उरई, 13 जुलाई (हि.स.)। पचनद के सुंदरीकरण का खाका खींचा जा चुका है। इस पर लगभग 50 करोड़ रुपये व्यय होगें। जिसे लेकर राज्य सरकार ने अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। मुख्य रूप से पचनदा पर गोस्वामी तुलसीदास की भव्य प्रतिमा की स्थापना इसमें कराई जायेगी। पचनदा पर संत मुकुंदमन क था जो कि गोस्वामी तुलसीदास के समकालीन थे। संत मुकुंदमन भी इतने पहुंचे हुए साधु थे कि गोस्वामी तुलसीदास उनके साथ सतसंग करने उनके पास आये थे। जाते समय वे एक कंठी माला, शंख और खड़ाऊं संत मुकुंदमन को उपहार में दे गये थे। जगम्मनपुर के पूर्व राजवंश के यहां यह उपहार अभी भी सुरक्षित हैं। संत गोस्वामी तुलसीदास के इस ऐतिहासिक स्मरण को जीवंत करने के लिए पचनदा पर उनकी विशाल प्रतिमा स्थापित करने का कार्यक्रम बनाया गया है। इसके अलावा मुकुंदमन की समाधि के प्रवेश द्वार पर भव्य और विशाल गेट बनेगा। यहां से पचनदा तक उतरने के लिए सीढ़ियां बनाई जायेगीं। साथ ही लोगों के स्नान के लिए बड़े दायरे में पक्का घाट भी बनेगा। विदित हो कि पचनदा में पांच नदियों यमुना, चंबल, कुवांरी, सिंध तथा पहूंज का संगम थोड़ी-थोड़ी दूर पर होता है। किसी ऊंचे स्थान से इनकी जल धाराओं का मिलन साफ देखा जा सकता है। अभी तक सबसे बड़ा संगम तीन नदियों का प्रयागराज में माना जाता है जिसे तीर्थराज कहकर पुकारा गया है। लेकिन कहते हैं कि पचनदा पूरे विश्व में अकेला ऐसा अनूठा स्थान है जहां पांच नदियां मिलती हैं। इस अनूठेपन की इंटरनेशनल मार्केटिंग करके आगरा आने वाले विदेशी पर्यटकों को पचनद तक लाने की भी योजना प्रस्तावित है। जिसमें समीपवर्ती जगम्मनपुर गांव के रियासती वैभव को पूरी योजना में नया निखार लाने के लिए बहाल करना भी शामिल होगा। हालांकि अभी इसके लिए केवल क्षेत्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के बतौर कार्य कराया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/केपी/राजेश
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