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बिना कैशमेमो के रसायन बेंचा तो खैर नहीं, होगी कार्रवाई

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 13 2018 11:13PM
बिना कैशमेमो के रसायन बेंचा तो खैर नहीं, होगी कार्रवाई
देवरिया, 13 जुलाई (हि.स.)। किसानों को बिना कैशमेमो रसायन बेंचने वाले दुकानदारों की खैर नहीं है। अगर सम्बंधित दुकानदार बिना कैशमेमो रसायन बेंचने का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं, किसान की शिकायतों के आधार पर भी कार्रवाईयां तय की जाएंगी। किसानों को अपनी फसल बचाने को रसायनों का उपयोग करना होता है। ऐसे में उन्हें सरकारी दुकानों और गोदामों के अलावा प्राइवेट दुकानदारों में यहां से रसायनों की खरीद करनी पड़ती है। सीधे-सादे किसान अक्सर ठगी के शिकार बनते हैं। वजह, इन्हें कोई कैशमेमो नहीं मिलता है और रसायन बेंचने वाले दुकानदार इन्हें झांसा देकर बच निकलते हैं। लेकिन अब यह संभव नहीं है। अगर किसान द्वारा ठगी और गुमराह करने की शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई तय है। देवरिया के जिला कृषि रक्षाधिकारी रतन शंकर ओझा ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कहा है कि किसान बिना कैश मेमो के कोई रसायन ना लें। कोई विक्रेता कैश मेमो देने में आनाकानी करे या न दे तो तत्काल इसकी सूचना किसान हेल्पलाइननम्बर 9236188785 पर दें। उनकी समस्या का निदान होगा और संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी। श्री ओझा ने कहा कि जिले में स्थित समस्त कीटनाशी रसायनों के थोक व फुटकर विक्रेताओं को कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी संशोधन नियम 1971 में निर्देश दिए गए हैं। उन्हें रसायन विक्रय से संबंधित स्टाक रजिस्टर वितरण रजिस्टर अद्यतन रखना है। किसी भी कृषक को वितरित रसायन के साथ कैश मेमो निश्चित रूप से देने का आदेश भी दिया गया है। खरीदे गए सामान (रसायन) की रसीद प्राप्त करना ग्राहक अथवा कृषक का अधिकार और रसीद उपलब्ध कराना विक्रेताओं का उत्तरदायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान किसी भी विक्रय प्रतिष्ठान पर स्टाक रजिस्टर और कैशमेमो रिसीट नहीं पाई जाती है तो संबंधित विक्रेता का लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी। कीटनाशी अधिनियम 1968 व कीटनाशी संशोधन नियम 1971 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी। हिन्दुस्थान समाचार/चन्द्रप्रकाश/आमोद
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