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कन्नौज : बर्खास्तगी के बाद भी नहीं रुका लेखपालों का प्रदर्शन

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jul 13 2018 11:09PM
कन्नौज : बर्खास्तगी के बाद भी नहीं  रुका लेखपालों का प्रदर्शन
कन्नौज, 13 जुलाई (हि. स.)। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर कलमबंद हड़ताल पर चल रहे लेखपालों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जनपद स्तरीय धरना प्रदर्शन करते हुए आर पार की लड़ाई लड़ने का एलान कर दिया। लेखपाल संघ के साथ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद व टीयूसीसी ने भी अपना समर्थन देते हुए लेखपालों की मांग को जायज ठहराया और शासन द्वारा लेखपालों की मांगे नहीं माने जाने के रवैये की निन्दा की है। वहीं गत दिवस लेखपाल संघ के पदाधिकारियों को बर्खास्त किए जाने की कठोर शब्दों में निन्दा की गई। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जनपद की तीनों तहसील क्षेत्रों ने आए सैकड़ों लेखपालों ने जोरदार प्रदर्शन किया। लेखपालों ने मांग की कि प्रारम्भिक गे्रड पे 2800 किया जाए। ए.सी.पी. की विसंगति को दूर किया जाए। वर्ष 2001 में चयनित व 2003-04 में प्रशिक्षित किन्तु 2005 में नियुक्त लेखपालों को पुरानी पेंशन दी जाए। विशेष कार्य भत्ता 1500 रूपए, मोटर साइकिल भत्ता 2000 रूपए व स्टेशनरी भत्ता 750 रूपए किया जाए। राजस्व परिषद द्वारा प्रस्तावित राजस्व उप निरीक्षक सेवा नियमावली 2017 को कैबिनेट में पारित किया जाए। लैपटाॅप व स्मार्टफोन ई. डिस्ट्रिक्ट व ई-गवर्नेन्स व डिजिटल इण्डिया के क्रियान्वयन हेतु दिया जाए। प्रोन्नति के अवसर बढाए जाएं और समय पर डी.पी.सी. कराई जाए तथा आधारभूत सुविधाएं व संसाधन उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई है। लेखपालों की हड़ताल को लेकर शासन के निर्देशानुसार लेखपालों की बर्खास्तगी का दौर शुरू हो चुका है। गत दिवस लेखपाल संघ के चार पदाधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा हड़ताली लेखपालों को बर्खास्तगी से संबंधित नोटिस थमाया जा रहा है। इससे लेखपाल संघ में आक्रोश व्याप्त हो गया है। लेखपालों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन करते हुए मांगे पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया है। हड़ताली लेखपालों का कहना था कि चाहे प्रदेश नेतृत्व हड़ताल समाप्त कर दे, लेकिन जब तक कन्नौज में लेखपालों के प्रति अपनाई जा रही दमनकारी नीति को बंद नहीं किया जाता और हड़ताल के कारण बर्खास्त किए गए लेखपालों के विरूद्ध की गई कार्यवाही को वापस नहीं लिया जाता, तब तक जनपद के लेखपाल काम पर वापस नहीं लौटेंगे। इस दौरान लेखपाल मदन मोहन, सर्वेश यादव, अखिलेश मिश्रा, विजय पाल, सुरेन्द्र पाल सिंह, दुर्गेश गुप्ता, बृजेश कुमार सहित सैकड़ांे लेखपाल मौजूद रहे। कई संगठन भी लेखपालों के साथ आए कन्नौज। लेखपालों की चल रही कलमबन्द हड़ताल को कई संगठनों ने भरपूर समर्थन देते हुए उनके साथ लड़ाई लड़ने का एलान कर दिया। शुक्रवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद व टी.यू.सी.सी. के पदाधिकारियांे ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दे दिया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष डा. अशोक सविता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल मिश्रा व ट्रेड यूनियन क्वार्डीनेशन सेंटर के प्रदेश महासचिव सुभाष चन्द्र ने कहा कि लेखपालों की लड़ाई सही है। उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। हम लेखपालांे के साथ हैं और आखिरी दम तक उनकी लड़ाई लड़ेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/शुभम
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