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मृत महिला के नाम उठाया ढाई लाख का ऋण, वसूली के समय हुआ खुलासा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 14 2018 10:00PM
मृत महिला के नाम उठाया ढाई लाख का ऋण, वसूली के समय हुआ खुलासा
चित्तौड़गढ़, 14 जून (हि.स.)। एक मृत महिला के नाम अज्ञात लोगों ने बैंक में खाला खुलवा कर 2 लाख 64 हजार रुपए का ऋण उठा लिया। करीब छह साल बाद ऋण जमा नहीं हुआ तो बैंक ने जमीन के रहण रखे दस्तावेज खंगाल जांच की तो सामने आया कि उक्त महिला की बैंक में खाता खुलने से पहले ही मौत हो चुकी थी। ऐसे में बैंक प्रबंधन ने खाता खुलवाने तथा ऋण के दौरान गवाही देने वालों के विरुद्ध कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इनमें एक पूर्व महिला सरपंच भी है। चित्तौडग़ढ़ कोतवाली थाने में सदर बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक कमलेश वर्मा ने गुरुवार को रिपोर्ट दी है। इसमें बताया कि अभयपुर ग्राम पंचायत के पचुंडल निवासी मोड़ीबाई पत्नी देवा मीणा का 25 अगस्त 2012 को बचत खाता खुला था। इसमें लिए 16 अगस्त 2012 को आवेदन किया गया। इसके आवेदन में मोड़ीबाई को पचुंडल का स्थायी निवासी बताया व भारत सरकार के पहचान पत्र पर बचत खाला खोला, जिसकी पहचान तत्कालिन सरपंच मधु कंवर ने की। वहीं खाता खोलने में मीणा का कंथारिया निवासी पूजा व सुरेशचन्द्र मीणा गवाह थे। बाद में 30 अगस्त 2012 को मोड़ीबाई का फोटो चस्पा कर ऋण आवेदन बैंक में पेश किया गया। इसके लिए पचुंडल गांव की खाता संख्या 77 में मोड़ीबाई की निहित 2.25 हेक्टेयर कृषि जमीन इसके हित, स्वामित्व एवं अधिकार की होकर भार मुक्त होने का संयुक्त प्रमाण पत्र पेश किया गया। इस पर बैंक ने 10 सितम्बर 2012 को मोड़ीबाई को किसान क्रेडिट कार्ड ऋण योजना में 1 लाख 64 हजार व किसान साथी योजना में एक लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया। ऋण आवेदन पर प्रमाण स्वरूप मीणा का कंथारिया निवासी सुरेश, राजूसिंह व श्यामसिंह ने गवाही दी। यूं खुला राज पुलिस में दी रिपोर्ट में बताया कि मोड़ीबाई के खाते की ऋण अदायगी नहीं हुई तो इसकी जमीन की जमाबंद 29 सितम्बर 2016 को अपना खाता केन्द्र से निकलवाई। इसमें सामने आया कि मोड़ीबाई की बंधकशुदा कृषि जमीन खाता संख्या 77 में दूसरे के नाम इंतकाल खुल चुका है। जांच में खुलासा हुआ है कि 06 अगस्त 2012 को खाता संख्या 77 में मोड़ीबाई के वारिसान के नाम पर इंतकाल खोला गया। इसमें मोड़ीबाई के मौत होने व वारिसान के नाम इंतकाल खोलने का दाखिला लगा हुआ था। इससे स्पष्ट हुआ कि 06 अगस्त 2012 से पहले ही मोड़ीबाई की मौत हो गई थी। वहीं बाद में फर्जी दस्तावेज तैयार कर 16 अगस्त 2012 को बैंक में खाता खोलने के लिए आवेदन किया। इनके विरुद्ध दी रिपोर्ट बैंक मैनेजर ने अभयपुर की तत्कालिन सरपंच के साथ ही बचत खाता खुलवाने में गवाही देने वाले मीणा का कंथारिया निवासी पूजा व सुरेशचन्द्र मीणा तथा ऋण खाते में गवाही देने वाले मीणा का कंथारिया निवासी सुरेश, राजूसिंह व श्यामसिंह के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। बैंक में मोड़ीबाई के स्थान पर दूसरी महिला को पेश कर 2 लाख 64 हजार रुपए का ऋण फर्जी तरीके से उठा लिया गया। हिंदुस्थान समाचार / अखिल
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