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बाईजी मंदिर प्रकरण: हर्जाना हटाया, दावा खारिज माना

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 14 2018 9:48PM
बाईजी मंदिर प्रकरण: हर्जाना हटाया, दावा खारिज माना
जयपुर, 14 जून (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी चौपड स्थित बाईजी का मंदिर से जुडे मामले में हाईकोर्ट की ओर से कब्जाधारी पुरुषोत्तम भारती व अन्य पर लगाए गए एक लाख रुपए के हर्जाने को हटा लिया है। इसके साथ ही अदालत ने वादी के दावे को खारिज माना है। न्यायाधीश कुरियन जोसफ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह आदेश बंशीधर शर्मा के कानूनी वारिस की ओर से दायर एसएलपी को खारिज करते हुए दिए। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने गत 20 अप्रैल को सरकार को मंदिर का कब्जा दो माह में लेने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही अदालत ने कानूनी वारिस पुरुषोत्तम भारती व अन्य पर एक लाख रुपए का हर्जाना भी लगाया था। मामले के अनुसार सरकार ने बंशीधर को 1955 में मंदिर का प्रबंध सौंपा था। बंशीधर ने वर्ष 1961 में मंदिर को अपने पूर्वजों का बताकर दावा किया। जिसे निचली अदालत ने 27 जुलाई 1977 को खारिज कर दिया। इसके खिलाफ बंशीधर के वारिसों ने हाईकोर्ट में अपील की। एकलपीठ ने 19 नवंबर 1997 को अपील स्वीकार करके अधीनस्थ अदालत के आदेश को रद्द कर दिया और बंशीधर के वारिसों को मंदिर का मालिकाना हक दे दिया। इस आदेश को राज्य सरकार ने चुनौती दी। खंडपीठ ने तीन फरवरी 2017 को एकलपीठ के आदेश को रद्द कर दिया और मामले को वापिस सुनवाई के लिए एकलपीठ को भेज दिया। वहीं दूसरी तरफ बंशीधर के कानूनी वारिसों की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेस आयोजित कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की व्याखा बताई गई। उनकी ओर से अधिवक्ता रामरख शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मूल दावे को खारिज माना है। ऐसे में मंदिर पर कब्जे की स्थिति सन् 1961 की आ गई है। इसलिए यदि अब सरकार को मंदिर खाली कराना होगा तो इसके लिए कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/महेश/संदीप/ ईश्वर
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