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कोरियर कंपनी की फ्रेंचाइजी देने का झांसा देकर 200 लोगों से ठगे करोड़ों रुपए

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 14 2018 9:45PM
कोरियर कंपनी की फ्रेंचाइजी देने का झांसा देकर 200 लोगों से ठगे करोड़ों रुपए
जयपुर,14 जून (हि.स.)। शिप्रापथ पुलिस व क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को अंतर्राज्यीय स्तर पर ठगी की वारदातें करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जितेन्द्र सिंह यादव व मुकेश कुमावत नाम के यह दोनों शख्स डाकघर की तर्ज पर कोरियर कंपनी खोल कर उसकी फ्रेंचाइजी देने का झांसा देकर लोगों से रुपए हड़पते और आॅफिस बंद कर भाग जाते। पुलिस ने दोनों को अलवर व लखनऊ से गिरफ्तार किया है। डीसीपी क्राइम विकास पाठक ने बताया दिसंबर 2017 में शिप्रापथ थाने में अंकुश अग्रवाल व लक्षमीकांत ने मामला दर्ज करवाया था कि जितेन्द्र यादव निवासी बहरोड़ अलवर व मुकेश कुमावत निवासी करधनी जयपुर ने अखबार में विज्ञापन देकर कोरियर कंपनी की फ्रेंचाइजी खोलने के दावे किए। विज्ञापन पढ़ने के बाद तीन लोगो ने मुकेश व जितेन्द्र की कंपनी जेके लॉजिस्टिक एण्ड ई डॉट कॉम डिलीवरी में संपर्क किया। मुकेश व जितेन्द्र ने उनको बताया कि उनकी कंपनी डाकघर की तर्ज पर कोरियर कंपनी शुरू की है जिसका हैड आॅफिस मुबंई में है। फेंचाइजी, डीलर, डिस्ट्रब्यूटर व सुपर डिस्ट्रब्यूटर के रूप में है जिसको लेने की एवज में क्रमश 55 हजार,1 लाख व डेढ़ लाख रुपए देने होंगे। इस पर परिवादियों ने उनकी बातों में आकर उनके बताए कर्नाटका बैंक व सिंडीकेंट बैंक खाते में जमा करवा दिया। रुपए जमा करवाते ही उनको कंपनी की तरफ से एक सर्टिफिकेट भी बना कर दिया गया और यह कहां गया कि मुंबई हैड आॅफिस से पेपर साइन होकर आते ही वे अपना काम शुरू कर सकते हैं। काफी समय बीत जाने के बाद भी जितेन्द्र व मुकेश ने कोरियर की फ्रेंचाइजी नहीं दी तो एक दिन परिवादी मानसरोवर स्थित आॅफिस गए तो पता चला कि कंपनी आॅफिस बंद कर भाग गई है और दोनो शातिर ठग और भी कई लोगो के साथ ऐसी वारदात कर फरार हुए है। एडीसीपी साउॅथ मनोज चौधरी ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने 13 जून को जितेन्द्र को बहरोड़ अलवर व मुकेश को लखनऊ उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया है। दोनो ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने लोगों को ठगने के लिए फर्जी कोरियर कंपनी खोली थी। दोनों ने राजस्थान, मुंबई व मध्यप्रदेश में करीब दो सौ लोगों से तीन करोड़ से अधिक की ठगी की है। लोगों को झांसा देने के लिए उन्होने अकेले जयपुर के वैशाली नगर, महेश नगर व शिप्रापथ इलाके में दफ्तर खोले। नाम व पहचान बदल कर मोबाइल सीम ले ली। फर्जी दस्तावेज से दो बैंक खाते खुलवा लिए। जैसे ही कोई फ्रेंचाइजी के लालच में आकर रुपए जमा करवाते वे दो दिन बाद ही खाते से रुपए निकाल लेते। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमाण्ड लिया है अब उनसे पूछताछ कर रही है। ठगी की रकम से नेता बनने की चाह पुलिस ने बताया कि बहरोड़ निवासी व हाल में कोटपूतली निवासी जितेन्द्र यादव को राजनीति में आने का चस्का है। वह ठगी के जरिए मोटा पैसा कमा कर किसी पार्टी से टिकट लेने की जुगत में था। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर उसके कई राजनेताओं से संबंध भी है। आगामी चुनाव में वह चुनाव लड़ने की चाह पाले हुए था। फर्जी मार्कशीट बनाने में जा चुका जेल ठगी के इस गिरोह का मास्टर मार्इंड जितेन्द्र यादव ही है। जितेन्द्र वर्ष 2013 में दसवीं व बारवीं की फर्जी मार्कशीट बनाने के मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद भी उसने ठगी व जालसाजी को ही अपना धंधा बना लिया। इससे पूर्व मुकेश व जितेन्द्र ने गाड़ियों पर विज्ञापन लगवाने के नाम पर भी कई लोगों से रुपए हड़प लिए थे। इंदौर व मुबंई में भी दोनो इसी तरह की फर्जी कंपनी खोल कर लोगो से रुपए हडप चुके है। हिन्दुस्थान समाचार/भागीरथ/संदीप/ ईश्वर
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