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सहकारी संस्था की भारी अनियमिता, स्वर्गीय किसान के नाम से लाखों की चपत

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 14 2018 9:36PM
सहकारी संस्था की भारी अनियमिता, स्वर्गीय किसान के नाम से लाखों की चपत
रतलाम, 14 जून (हि.स.)। एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री किसानो को विभिन्न योजनाओ के माध्यम से लाभान्वित करने की बात कर रहे है तो वही दूसरी ओर सहकारी संस्था के अधिकारी कर्मचारी किसानो एवं संस्था को चुना लगाने का काम कर रहे है । आश्चर्य की बात तो यह है कि इन संस्थाओ का प्रतिवर्ष आडिट भी होता है ,फिर कैसे गडबडियां सामने आ रही है इसकी जांच उच्च स्तर के अधिकारी से कराई जाना चाहिए ? इसी प्रकार का एक मामला जिले की आलोट तहसील में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति ग्राम पाटन का सामने आया है । इस संस्था में ग्राम पाटन ,प्रतापपुरा ,जोयन, ईशामपुर, नापाखेडा ,दयालपुरा के किसान सदस्य है । संस्था मेंं सहायक प्रबंधक स्व. दिनेश पोरवाल तालोद थे, जिनके द्वारा किसानो को केसीसी और खाद बीज आदि ऋण को लेकर लाखों रूपये चंपत लगाने के मामले सामने तब आ रहे है जब संस्था के कर्मचारी किसानो से ऋण राशि जमा करने का दबाव बना रहे है । जबकि किसानो का कहना है कि उन्हे ऋण राशि तो मिली ही नही है । ग्राम जोयन निवासी शान्ताबाई बेवा नागुसिह ने बताया कि उसने पिछला कर्ज जमा कर नया केसीसी ऋण लेने के कागजात पर अंगूठा निशानी की थी परंतु रूपये मिले ही नही और कर्मचारी कुर्की की धमकी दे रहे है । इसी प्रकार जोयन के ही विक्रमसिंह पिता रतनसिह एवं रतनसिह पिता गोपालसिह व भगवानसिह आदि के अलावा ईशामपुर निवासी गोकुलसिह एवं सोहनसिह पिता उमरावसिह आदि के अतिरिक्त दयालपुरा के कुछ लोगो ने बताया कि उनके खाते मे हजारो लाखो रूपये का कर्जा नामे लिख दिया गया है जो उन्होंने लिया ही नही है । कुछ सक्षम किसान फर्जी ऋण जमा कर रहे तो अक्षम किसानो के समक्ष विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है । उन्हे यह भी समझ नही आ रहा है कि वे अब क्या करे । शासन-प्रशासन को चाहिए कि वर्ष 2010 से अब तक की जांच उच्च स्तरीय अधिकारी से कराई जाये एवं किसानो को फर्जी कर्जे के भार से मुक्त किया जाये । स्मरण रहे पाटन सहायक प्रबंधक की उज्जैन सिंहस्थ से लौटते समय दुर्घटना मे मौत हो गई थी । हिंदुस्थान समाचार / शरद
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