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वाहनों में लगे हैं घरेलू सिलेण्डर

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 14 2018 9:38PM
वाहनों में लगे हैं घरेलू सिलेण्डर
गुना, 14 जून (हि.स.)। शहर में चारपहिया वाहन चालक अपनी जान की परवाह किए बिना इन दिनों वाहनों में अवैध तरीके से घरेलू गैस सिलेण्डरों का उपयोग किया जा रहा है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं घरेलू गैस सिलेण्डरों का भी दुरूपयोग हो रहा है। परिवहन व यातायात विभाग भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। दरअसल गैस से वाहन संचालित करने के लिए परिवहन विभाग से अनुमति लेनी होती है। इसमें नियमों के तहत ही परिवहन विभाग द्वारा अनुमति दी जाती है, लेकिन गैस से संचालित वाहन चालक विभाग से भी अनुमति नहीं ले रहे। चालकों द्वारा एलपीजी व सीएनजी गैस सिलेण्डरों को लगाकर वाहन संचालित किए जा रहे हैं। परिवहन विभाग व यातायात पुलिस की ओर से जांच नहीं करने से इनके हौंसले बुलन्द हैं। शहर की कई मिस्त्रियों की दुकानों पर वाहनों में एलपीजी किट फिट की जाती है। इन दुकानदारों द्वारा खुलेआम सिलेण्डरों में गैस में भरने का कार्य भी किया जाता है। बनी रहती है हादसे का अंदेशा शहर में करीब 80 प्रतिशत चार पहिया वाहनोंं में घरेलू गैस सिलेण्डरों का उपयोग किया जा रहा है, जो वाहन मालिक सहित चालकों की जेब को राहत देता है, लेकिन इससे हर समय दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। जबकि इन दिनों मेें भीषण गर्मी का दौर चल रहा है और चार पहिया वाहनों में इसका उपयोग करना कितना खतरनाक हो सकता है यह वाहन मालिक के जहम में भी नहीं होगा। वहीं शहर में ओवरलोड वाहनों के धड़ल्ले से दौडऩे से हादसे का अंदेशा बना रहता है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं करने से ओवरलोड वाहन चालक बेखौफ है। यात्री जीपें व बजरी से भरे ट्रक ओवरलोड चल रहे हैं। करते हैं कार्रवाई इस संबंध में संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि घरेलू गैस सिलेण्डर का उपयोग वाहन चलाने में करने के लिए परिवहन विभाग से अनुमति लेनी होती है। बिना अनुमति के इन्हें सीधे ही वाहनों में लगाना अवैध माना जाता है, और ऐसे वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जाती है। अगर गैस सिलेंडर का उपयोग करने के साथ ही वाहन चालक पर दस्तावेज पाए जाते हैं तो उन्हें सुरक्षा की सलाह देने के साथ-साथ गैस सिलेंडर के उपयोग न करने की समझाईश दी है। वहीं जिन वाहन चालकों में सीएनजी के दस्तावेज नहीं पाए जाते उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक
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