Hindusthan Samachar
Banner 2 रविवार, दिसम्बर 16, 2018 | समय 10:53 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

शराबबंदी कानून और मुकदमा वापस ले सरकार : जीतन राम मांझी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 14 2018 9:29PM
शराबबंदी कानून और मुकदमा वापस ले सरकार : जीतन राम मांझी
पटना, 14 जून (हि.स.)। हिंदुस्तान आवाम मोर्चा पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने आज यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला । उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब पूरी तरह चुनावी मोड में आ गये हैं । इसी कारण शराबबंदी के तालिबानी कानून में संशोधन की बात कर रहे हैं। शराबबंदी कानून को पूरी तरह समाप्त करने और इस कानून के तहत जेलों में बंद लोगों को रिहा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस कानून से बिहार को कोई फायदा नहीं हुआ। कई अधिकारी करोड़पति हो गये हैं। बिहार में गुजरात की तरह शराबबंदी कानून बनना चाहिए। मांझी गुरुवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून से सर्वाधिक दलित-पिछड़े प्रताड़ित हुए हैं। सरकार शराबबंदी कानून के तहत दर्ज सभी मुकदमा वापस ले। मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सिर्फ अपनी छवि बनाने और चेहरा चमकाने के लिए शराबबंदी का तालिबानी कानून बनाया । शुरु से वे इसका विरोध कर रहे हैं। शराब पीने पर कई वर्षां की जेल और घर-परिसर जब्त करने का क्या औचित्य है। सरकार से मांग की है कि शराबबंदी कानून में जेल में बंद लोगों को रिहा किया जाए। मांझी ने साथ ही ये भी मांग की है कि सभी केस सरकार वापस ले। परंपरा के लिए शराब की छूट मिले। गुजरात की तरह कानून बने। जिसे पीना अपरिहार्य है उसके लिए परमिट व्यवस्था लागू हो। शराब देवी-देवता पर भी चढ़ायी जाती है। इसके रखने पर ही गिरफतार कर जेल भेज दिये जाने और जमानत नहीं मिलने का कानून बना दिया गया है। अप्रैल,2016 से शराबबंदी कानून लागू होने के बाद 1.25 लाख लोगों से अधिक की गिरफतारी और 30 लाख लीटर से अधिक शराब जब्त हो चुकी है। इसका कारोबार बढ़ गया है। यह प्रशासनिक और पुलिस अधिका​रियों की अवैध कमाई का साधन बन गया है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के साथ बालूबंदी का प्रयोग भी विफल रहा। पहले से बालू तीन-चार गुना दाम पर बिक रहा है।इससे न केवल पिछड़े समाज के लोगों आर्थिक रूप से नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि उनके रोजगार पर भी संकट छा गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान दलितों को भरमा रहे हैं। प्रोन्नति में आरक्षण देने पर जब सुप्रीम कोर्ट की रोक नहीं है तब अध्यादेश लाने की बात की जा रही है। उन्होंने दलितों को प्रोन्नति में आरक्षण तत्काल लागू करने ,आरक्षित खाली पदों को शीघ्र भरने और भूमिहीन दलितों को आवासीय भूमि देने की मांग के साथ कहा कि कोरेगांव में लोगों को नक्सली के रूप में प्रताड़ित किया जा रहा है। अपनी मांगों का उठाने वाले को नक्सली कह दिया जाता है। उन्होंने कहा कि दलित उत्पीड़न संबंधी कानून के प्रति केन्द्र सरकार के रवैये से आहत हैं। दलितों के पर अत्‍याचार बढ़ गये हैं केंद्र सरकार दलितों पर हो रहे अत्‍याचार को रोकने के लिए किसी तरह का कदम नहीं उठा रही है। मांझी ने बिना यूपीएसएसी के ज्‍वाइंट सेक्रेटरी बनाने के केंद्र सरकार के फैसले पर कहा कि यह संवैधानिक संस्था के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। हिन्दुस्थान समाचार /अरुण
image