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बजरी माफियाओं द्वारा अवैध बजरी दोहन का मामला पहुंचा न्यायालय में

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 14 2018 9:12PM
बजरी माफियाओं द्वारा अवैध बजरी दोहन का मामला पहुंचा न्यायालय में
भीलवाड़ा, 14 जून (हि.स.)। भीलवाडा की त्रिवेणी संगम सहित जिले भर में बजरी माफियाओ द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेशो की अवहेलना कर की जा रही अवैध बजरी दोहन पर रोक लगाने को लेकर अधिवक्ता लादूलाल तेली सहित अन्य परिवादी ने जिला स्थाई लोक अदालत में परिवाद प्रस्तुत किया। जिस पर अदालत ने खनिज अभियन्ता, जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक सहित डीएमएफटी कमेटी को नोटीस जारी कर 15 जून को न्यायालय में तलब किया हैं। परिवादी अधिवक्ता लादू लाल तेली, भगवान सिंह चैहान, मनोज शर्मा (खटवाडा), दुष्यन्त साहू (बीगोद), जगदीश धाकड (धाकडखेडी), चन्द्रप्रकाश तम्बोली (माण्डलगढ) ने न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद में बताया कि जिले की माण्डलगढ तहसील में तीन नदियों से बना त्रिवेणी संगम बहुत पुराना व प्रचलित पवित्र धार्मिक स्थल हैं। जो जिले व कई प्रदेशों के करोडो लोगो की आस्था का एकमात्र स्थान हैं। जहा तीन बडी बडी नामचीन नदीया क्रमशः बेड़च, बनास, मेनाली नदियों का संगम होकर हर समय पानी भरा रहता हैं। जिसमें जिले व प्रदेश भर से आये लोग अपने पूर्वजो की अस्थियों का वित्सर्जन कर स्नान करते हैं। जिससे उनके पुर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होने जैसी आस्था बनी हुई हैं। लेकिन पिछले काफी समय से तथाकथित बजरी माफियाओं ने नाजायज लाभ प्राप्त करने की गरज से त्रिवेणी संगम में मन्दिर के आस पास के 1000 मीटर के एरिये में अवैध तौर पर सम्पूर्ण बजरी/रेत को दोहन कर लिया गया है जिस कारण त्रिवेणी संगम में पानी सूख गया हैं। त्रिवेणी संगम में पानी सूख जाने के चलते वहा पलने वाले हजारों जीव बिना पानी के तडप तडप कर मर रहे है बजरी माफियाओं ने इन जीवों की जिन्दगियां छीन ली हैं। साथ ही जहां जिले व प्रदेशभर से पुर्वजों की अस्थिया वित्सर्जन करने के लिये आने वाले लोगो को भी अस्थिया वित्सर्जन करने एंव नहाने से वंचित हो रहे हैं जिससे धार्मिक भावनाओं को आघात व क्रियाकर्म बन्द से हो गये हैं। जिससे आने वाले तीर्थयात्रियों को धार्मिक लाभ नही मिल पा रहा हैं और इस कारण से प्रशासन को कृत्रिम साधनों द्वारा पानी की व्यवस्था करने को मजबूर होना पडा हैं। साथ ही बजरी माफियाओं का सम्पूर्ण जिले भर आतंक होकर आये दिन जिले भर संघर्ष का दौर जारी हैं तथा बजरी माफिया अवैध खनन से जिले भर में नदियों के आस पास के क्षेत्र का जलस्तर काफी गिर चुका है वर्षो पुरानी रेत, बजरी जो काफी समय के बाद इक्कठा हुई तो उसे बजरी माफियाओ ने कुछ ही समय में नदीयो से खाली कर पर्यावरण, पानी, जमीन, जगल व प्राकृतिक साधनो को नष्ट करने का प्रयास किया हैं। जिससे आने वाले समय में जल सकट उत्पन्न होने की पूर्ण सम्भावनाए हैं। न्यायालय ने आमजनता की भावनाओं के साथ अवैध बजरी दोहन को गम्भीर मानते हुये विपक्षीगणों को न्यायालय में तलब कर आगामी सुनवाई 15 जून को रखी गई हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ मूलचन्द/संदीप
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